दिल्ली जल बोर्ड के 4 अधिकारी सस्पेंड, लोगों की शिकायत पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने लिया ऐक्शन
दिल्ली जल बोर्ड के 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने डीजेबी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अटेंडेंस रिकॉर्ड, शिकायत रजिस्टर और परिचालन प्रक्रियाओं की जांच की। मंत्री ने कहा कि जवाबदेही पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

दिल्ली जल बोर्ड के 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने डीजेबी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अटेंडेंस रिकॉर्ड, शिकायत रजिस्टर और परिचालन प्रक्रियाओं की जांच की। मंत्री ने कहा कि जवाबदेही पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
जवाबदेही को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने के उद्देश्य से दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने गुरुवार को डीजेबी के 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। जल मंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) कार्यालयों का अचानक निरीक्षण किया और विभागीय मानकों के अनुपालन का आकलन करने के लिए उपस्थिति रिकॉर्ड, शिकायत रजिस्टर और परिचालन प्रक्रियाओं की जांच की।
मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक कार्यालयों को अनुशासन, जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए। कर्तव्य या पर्यवेक्षण में किसी भी प्रकार की चूक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जवाबदेही पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने आगे कहा कि जनता की शिकायतों के आधार पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल राजस्व अधिकारियों (जेडआरओ) के साथ-साथ कन्हैया नगर के सहायक उप अधिकारी (एएसओ) के खिलाफ प्रशासनिक अनियमितताओं, शिकायत निवारण में देरी और पर्यवेक्षण संबंधी कमियों से संबंधित सार्वजनिक शिकायतों पर कार्रवाई की गई।
मंत्री के अनुसार, इन क्षेत्रों के निवासियों ने शिकायतों के निपटान और उन पर प्रतिक्रिया देने के तरीके को लेकर चिंताएं जताई थीं। तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की गई और वरिष्ठ अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


