
दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो फर्जी निकले वीजा, 10-12 लाख में बनवाए थे; पेरिस में नौकरी करने का था प्लान
आरोपी एजेंट पीड़ितों को पेरीस में नौकरी लगवाने का झांसा देता था और फिर उनसे 10 से 15 लाख रुपए तक लेकर फ्रांस का फर्जी वीजा दे दिया करता था।
इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पुलिस ने तमिलनाडु से फ्रांस का नकली वीजा बनाने वाले एक एजेंट और तीन यात्रियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी एजेंट पीड़ितों को पेरीस में नौकरी लगवाने का झांसा देता था और फिर उनसे 10 से 15 लाख रुपए तक लेकर फ्रांस का फर्जी वीजा दे दिया करता था। आरोपी एजेंट द्वारा जारी वीजा लेकर तीन यात्री एयरपोर्ट पहुंचे थे। जहां डिपार्चर इमिग्रेशन काउंटर पर जांच के दौरान यह तीनों पकड़े गए और पूरे मामले की खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस आरोपी एजेंट के साथी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
एयरपोर्ट पर जांच हुई, तो नकली निकले वीजा
पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि 28 अक्टूबर को तीन भारतीय यात्री 23 वर्षीय नवीराज सुब्रमण्यम, 38 वर्षीय मोहन गांधी एलंगोवन और 28 वर्षीय प्रभाकरन सेंथिलकुमार पेरिस जाने के लिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे थे। जहां आरोपी फ्रांस के लिए क्लियरेंस मांगने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर डिपार्चर इमिग्रेशन काउंटर पर आए। जांच के दौरान उनके पासपोर्ट पर लगे फ्रेंच D-टाइप वीजा नकली पाए गए। वीजा में जरूरी सिक्योरिटी फीचर्स उपलब्ध नहीं थे। इमिग्रेशन की ओर से आरोपियों को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया गया। इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार त्यागी की टीम ने मामले में संबंधित धारा में एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की।
10 से 12 लाख में मिला था एक नकली वीजा
इंस्पेक्टर संजय पंघाल और हेडकांस्टेबल सूबे राम की टीम ने तीनों आरोपियों से पूछताछ शुरू की तो नवीराज सुब्रमण्यम ने बताया कि उसके भाई ने वीजा बनाने की एवज में 10 लाख रुपए दिए थे। जबकि मोहन गांधी एलंगोवन और प्रभाकरन सेंथिलकुमार ने 12-12 लाख रुपए देकर एजेंट से वीजा का इंतजाम करवाया था। आरोपियों ने बताया कि उन्हें पेरीस में नौकरी मिलने का झांसा दिया गया था।
16 लोगों को दिया था लालच, एजेंट गिरफ्तार
पुलिस की एक टीम ने तमिलनाडु पहुंची और मुख्य एजेंट की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तमिलनाडु के नमक्कल जिले से एजेंट वी. कन्नन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह परमथी में सरकार से जुड़ी एक आईटीआई चलाता है और वेलूर में “वेट्री ओवरसीज” नाम से एक ओवरसीज एजुकेशन कंसल्टेंसी भी चलाता है। वह अपने साथी मदुरै के रहने वाले एजेंट साथिक सैयद उर्फ अब्दुल हकीम की मदद से उसने पेरिस में वेयरहाउस की नौकरियों के लिए कम से कम 16 नौकरी चाहने वालों को लालच दिया। एप्लिकेंट्स का इंटरव्यू लेने के बाद नकली वीजा का इंतजाम किया गया और वीजा देने के बदले पैसे कैश और अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस फिलहाल साथिक सैयद उर्फ अब्दुल हकीम की तलाश में छापेमारी कर रही है।
फर्जी वीजा मामले में नवंबर में पकड़े गए 26 लोग
पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने केवल नवंबर माह में ही फर्जी वीजा और पासपोर्ट के मामले में कार्रवाई करते हुए 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें 6 एजेंट हैं, जो लोगों को अलग अलग तरह से झांसा देकर फर्जी वीजा और पासपोर्ट उपलब्ध करवाते हैं।
फोटो एआई जेनरेटेड है।





