
DUSU के पूर्व अध्यक्ष रौनक से मांगी गई थी 5 करोड़ की फिरौती, दिल्ली HC ने पुलिस को ये आदेश दिया
संक्षेप: जानकारी के मुताबिक खत्री को यूक्रेनी नंबर से फोन करके धमकियां दी जा रही हैं। कुख्यात गैंग से जुड़े बदमाशों ने खत्री से 5 करोड़ की फिरौती मांगी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री से फिरौती मांगने का मामला सामने आया था। जानकारी के मुताबिक खत्री को यूक्रेनी नंबर से फोन करके धमकियां दी जा रही थीं। कुख्यात गैंग से जुड़े बदमाशों ने खत्री से 5 करोड़ की फिरौती मांगी थी। इस मामले में रौनक खत्री ने अपनी सुरक्षा की मांग की थी। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को खत्री की सुरक्षा संबंधी मांग पर जल्दी निर्णय लेने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति रविंदर डुडेज़ा की पीठ ने कहा कि नागरिकों के जीवन की सुरक्षा राज्य का संवैधानिक दायित्व है। अदालत ने आउटर नॉर्थ जिला पुलिस उपायुक्त और स्पेशल सेल के डीसीपी को खत्री की ओर से सुरक्षा की मांग पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि बीट कांस्टेबल और थानाध्यक्ष को सचेत किया जाए कि खत्री द्वारा किसी भी कॉल पर वे तुरंत प्रतिक्रिया दें।
कोर्ट ने कहा कि अगले दो हफ्तों तक बीट कांस्टेबल नियमित रूप से खत्री के निवास पर जाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता ने बताया कि खत्री की सुरक्षा आवेदन स्पेशल सेल के डीसीपी को भेजी गई है, जो खतरे का आकलन कर आगे का निर्णय लेंगे। याचिका में दावा किया गया कि सितंबर में उन्हें सीमित सुरक्षा दी गई थी, जो स्थायी नहीं थी और अगले दिन वापस ले ली गई। इसके बाद उन्होंने कई बार पुलिस से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बीते साल दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के इलेक्शन को जीतकर अध्यक्ष बने थे। अध्यक्ष बने रौनक खत्री को सबसे ज्यादा 20207 वोट मिले थे। वहीं दूसरे पायदान पर रहे रिषभ चौधरी को 18868 वोट मिले हैं। इन्होंने अपनी पहचान मटका मैन ऑफ डियू के नाम से बनाई थी।
रौनक खत्री लॉ स्टूडेंट थे। इन्हें मटका मैन ऑफ डीयू के नाम से जाना जाता है। ये अपने देशी स्टाइल में मुद्दों को उठाने के लिए फेमस थे। चुनावी प्रचार से लेकर धरना प्रदर्शन के दौरान रौनक हमेशा अपने साथ मटका लेकर साथ घूमते दिखाए दिए थे। इस कारण लोग इन्हें मटका मैन के नाम से जानने लगे थे। कॉलेज में पानी की खराब व्यवस्था के चलते उन्होंने मटका रखवाने का काम भी किया था। रौनक खत्री हालिया समय में ही एनएसयूआई से जुड़े थे और उन्होंने इसकी सदस्यता ली थी। इससे पहले उन्होंने देहात से डीयू तक का नारा दिया था।





