दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव ने की खुदकुशी? पंखे से लटकी मिली लाश, सुसाइड नोट में क्या?

लाइव हिन्दुस्तान, नोएडा
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दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता ने नोएडा के सेक्टर-82 स्थित एक सोसाइटी में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। उनकी लाश शव रविवार को दोपहर पाई गई थी।  

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दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता एक फ्लैट में फंदे से लटके मिले।

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता रविवार दोपहर नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी के एक फ्लैट में फंदे से लटके पाए गए। 1975 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी ने 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान मुख्य प्रशासनिक नेतृत्व संभाला था। नोएडा पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। घटना के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और सोमवार को दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान संभाली थी कमान

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने रविवार को सुसाइड कर ली। वह 75 साल के होने वाले थे। वह एक अनुभवी नौकरशाह थे। उन्होंने दिल्ली में नागरिक सुविधाओं, परिवहन और बिजली क्षेत्र में कई बड़े सुधारों को आगे बढ़ाने में मदद की थी। उन्होंने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान प्रशासन की कमान संभाली थी।

दिल्ली सरकार और MCD में कई अहम पदों पर किया काम

1975 बैच के IAS अधिकारी राकेश मेहता ने 3 दशक से अधिक के अपने कॅरियर में दिल्ली सरकार और MCD में कई अहम पदों पर काम किया। उन्होंने 2007 में मुख्य सचिव का पद संभाला और नवंबर 2010 में रिटायर हुए। मेहता के साथ काम करने वाले सहयोगियों और नेताओं ने उन्हें एक कुशल प्रशासक के तौर पर याद किया।

सुसाइड नोट में क्या बताई वजह?

राकेश मेहता नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी के फ्लैट में रहते थे। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। इसमें आत्महत्या के पीछे मानसिक तनाव और विभिन्न शारीरिक बीमारियों को जिम्मेदार बताया गया है। साल 1975 बैच के आईएएस ने वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान प्रशासनिक नेतृत्व किया था।

अरविंदर सिंह लवली के साथ किया था काम

राकेश मेहता की पत्नी पूर्व आईएएस स्मिता सिंह अपने पुत्र के साथ देहरादून में रहती हैं जबकि बेटी पति के साथ लंदन में रहती है। दिल्ली के पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने मेहता को एक कुशल अधिकारी बताया जो नए विचारों और नीतियों पर विचार करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उन्होंने शीला दीक्षित सरकार के दौरान राकेश मेहता के साथ मिलकर काम किया था।

ब्लूलाइन बसों को हटाने में अहम भूमिका

दिल्ली के पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने बताया कि राकेश मेहता हमेशा नई पॉलिसी और आइडिया लागू करने के लिए तैयार रहते थे। प्राइवेटाइजेशन के समय वह दिल्ली सरकार में पावर सेक्रेटरी थे। दिल्ली की सड़कों से ब्लूलाइन बसों को हटाने और लो-फ्लोर बसें चलाने की योजना बनाने में भी उनकी अहम भूमिका थी। दिल्ली के पूर्व चीफ सेक्रेटरी रमेश नेगी ने कई अहम प्रशासनिक सुधारों का श्रेय राकेश मेहता को दिया।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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