
FNG प्रोजेक्ट नए साल में पकड़ेगा रफ्तार, हरियाणा सरकार के 2 महीने में सभी मंजूरी देने के निर्देश
FNG Expressway : एनसीआर के शहरों फरीदाबाद-नोएडा गाजियाबाद को नई रफ्तार देने वाले एफएनजी एक्सप्रेसवे परियोजना को नए साल में रफ्तार मिलने की उम्मीद है। हरियाणा के शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने महत्वाकांक्षी परियोजना को हरियाणा प्रोजेक्ट के रूप में प्राथमिकता दी है।
FNG Expressway : फरीदाबाद-नोएडा गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेसवे परियोजना को नए साल में रफ्तार मिलने की उम्मीद है। हरियाणा के शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने महत्वाकांक्षी परियोजना को हरियाणा प्रोजेक्ट के रूप में प्राथमिकता दी है।
प्रधान सलाहकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले दो महीनों के भीतर सभी आवश्यक स्वीकृतियां पूरी की जाएं। परियोजना के पूरा होने से करीब 50 हजार वाहन चालकों को राहत मिलेगी। शहर से रोजाना करीब 50 हजार लोग नौकरी और अन्य कामों के लिए नोएडा गाजियाबाद आवाजाही करते हैं। नोएडा और फरीदाबाद के बीच यमुना नदी है। इस कारण दो राज्यों के बीच अभी कोई सीधी सड़क नहीं है। लोगों को सड़क मार्ग से कालिंदीकुंज होकर नोएडा जाना पड़ता है। यहां 24 घंटे भारी जाम लगता है। लोगों का 10 मिनट का सफर एक घंटे में पूरा होता है।
वहीं, दिल्ली की तरफ से नोएडा जाने पर घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है। इससे लोगों के पसीने छूट जाते हैं। मेट्रो से जाने पर करीब दो घंटे का समय लगता है। इससे लोग बेहद परेशान है। एफएनजी परियोजना के सिरे चढ़ने पर दो राज्यों के बीच की दूरी मिनटों में सिमिट जाएगी। प्रोजेक्ट को हरियाणा सरकार ने अपने फ्लैगशिप प्रोजेक्ट में शामिल किया हुआ है। लोक निर्माण विभाग की ओर से परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए 3 अलाइनमेंट मंजूरी के लिए सरकार को भेजी गई हैं, जिसमें लालपुर गांव के पास यमुना पर 600 मीटर लंबा पुल प्रस्तावित है। सेक्टर-87 स्थित निजी अस्पताल के पास रिवाजपुर और टिकावली होते हुए यमुना पर प्रस्तावित पुल तक नौ किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी।
दो साल से सीएम ऑफिस में पड़ी फाइल
एफएनजी परियोजना की फाइल पिछले करीब दो साल से मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित पड़ी थी। इस दौरान परियोजना को लेकर कई बार बैठकें हुईं, लेकिन बजट और स्वीकृतियों के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ सका। सरकार से इस परियोजना के लिए करीब 900 करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई थी, जो अब तक मंजूर नहीं हो पाई। बजट की अनिश्चितता के कारण प्रक्रियाएं ठप पड़ी रहीं।
900 करोड़ के बजट को हरी झंडी का इंतजार
दो महीनों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तय समय सीमा में स्वीकृतियां मिल जाती हैं और बजट पर सहमति बनती है, तो नए साल की शुरुआत में ही परियोजना पर काम शुरू हो सकता है। यदि प्रस्तावित 900 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी मिल जाती है, तो एफएनजी एक्सप्रेसवे लंबे इंतजार के बाद पकड़ता नजर आएगा।
प्रकाश लाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग,''सरकार के पास डिजाइन को मंजूरी के लिए फाइल भेजी हुई है, बजट भी मिलना है। मंजूरी के बाद विभाग की ओर से काम शुरू कर दिया जाएगा।''





