बहन का यू-टर्न, परिवारों के बीच समझौता; निक्की भाटी 'दहेज हत्या' मामले में चौंकाने वाली 5 बातें

हिन्दुस्तान टाइम्स, नोएडा
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नोएडा की रहने वाली निक्की भाटी तो आपको याद ही होगी। ससुराल में आग लगने से हुई उसकी मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। नौ महीने पहले हुई इस घटना में कई नाटकीय मोड़ आए हैं। इनमें दोनों परिवारों के बीच समझौता होने से लेकर सबसे अहम गवाह मृतका की बहन का अपने बयान से पलट जाना भी शामिल हैं। 

बहन का यू-टर्न, परिवारों के बीच समझौता; निक्की भाटी 'दहेज हत्या' मामले में चौंकाने वाली 5 बातें

नोएडा की रहने वाली निक्की भाटी तो आपको याद ही होगी। ससुराल में आग लगने से हुई उसकी मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। नौ महीने पहले हुई इस घटना में कई नाटकीय मोड़ आए हैं। इनमें दोनों परिवारों के बीच समझौता होने से लेकर सबसे अहम गवाह मृतका की बहन का अपने बयान से पलट जाना भी शामिल हैं। आइए जानते हैं इस मामले से जुड़ी चौंकाने वाली 5 बातें।

पिछले साल हुई थी मौत

करीब नौ महीने पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली 28 साल की निक्की भाटी की मौत के मामले में कई नाटकीय मोड़ आए हैं। निक्की भाटी की पिछले साल 21 अगस्त को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में गंभीर रूप से जलने के कारण मौत हो गई थी। निक्की की बहन कंचन द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, निक्की के पति विपिन भाटी और उनकी मां दया भाटी ने ग्रेटर नोएडा स्थित अपने घर में निक्की पर कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग लगा दी थी।

ससुराल वालों के साथ समझौता

इस घटना के बाद कुछ परेशान करने वाले वीडियो भी सामने आए। एक वीडियो में कथित तौर पर निक्की भाटी के आग की लपटों में घिरने से ठीक पहले के टेंशन भरे पल दिखाई दे रहे थे। इन वीडियो ने जनता में भारी आक्रोश पैदा कर दिया और लोग निक्की के लिए न्याय की मांग करने लगे। निक्की भाटी की मौत के नौ महीने बाद बताया जा रहा है कि उनके परिवार ने दहेज हत्या मामले में आरोपी ससुराल वालों के साथ समझौता कर लिया है। वहीं इस मामले में एक अहम गवाह उनकी बहन अब अपने बयान से पलट गई हैं।

पुलिस ने 173 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी

पुलिस ने कसना थाने में विपिन, रोहित, सतवीर और दया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है। विपिन को 24 अगस्त को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि उसकी मां को उसी शाम गिरफ्तार कर लिया गया। सतवीर और रोहित को अगले दिन हिरासत में लिया गया। बाद में जांचकर्ताओं ने 173 पन्नों की एक चार्जशीट दायर की, जिसमें चारों पर हत्या का आरोप लगाया गया। हालांकि, चार्जशीट में यह भी कहा गया कि सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच करने के बाद पाया गया कि जब यह घटना हुई तब ससुर सतवीर और सास दया घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस को रोहित के मोबाइल की लोकेशन भी सिरसा टोल प्लाजा के पास मिली।

इस मामले में चौंकाने वाली 5 बड़ी बातें:

1. निक्की के बेटे के नाम प्रॉपर्टी ट्रांसफर होगा

निक्की के परिवार ने ससुराल वालों से समझौता कर लिया है। निक्की के पिता भिखारी सिंह ने बुधवार को इस समझौते की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि आरोपी परिवार निक्की के बेटे के नाम प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर सहमत हो गया है।

2. मुख्य गवाह कंचन बयान से मुकरी

उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने बताया कि इस मामले में यह नया मोड़ तब आया जब मर्डर के इस केस में मुख्य गवाह मानी जा रही निक्की की बहन कंचन करीब 20 दिन पहले नोएडा की एक अदालत में अपने बयान से मुकर गई। इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होनी है। शुरुआत में कंचन ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में निक्की के पति विपिन भाटी और सास दया भाटी पर निक्की को जलाने का आरोप लगाया था। उसने यह भी आरोप लगाया था कि जब उसने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि कंचन ने अदालत के सामने दिए गए अपने ताजा बयान में अपनी बात बदल दी है। उसने अदालत को बताया कि जब यह घटना हुई तब घर के अंदर कोई भी मौजूद नहीं था। निक्की के पति विपिन, ससुर, सास और ननद सभी घर के बाहर थे।

3. कंचन की शादीशुदा जिंदगी में दखल नहीं देने का भरोसा

इस मामले में एक और अहम बात यह है कि इसका संबंध कंचन के भविष्य से जुड़ा है। निक्की के पिता के मुताबिक इस घटना के बाद कंचन रूपवास गांव में अपने माता-पिता के साथ रह रही थी। अब वह दादरी में एक नए घर में अपने पति के साथ रहने के लिए तैयार है। पिता ने बताया कि कंचन की शादीशुदा जिंदगी में उसके ससुराल वालों की तरफ से कोई दखल नहीं होगा।

4. बचाव पक्ष जमानत के लिए नई अर्जी देगा

कोर्ट में बदलते बयानों से अब इस केस में सरकारी पक्ष की स्थिति कमजोर हो गई है। सरकारी वकील ने बताया कि हम केस लड़ते रहेंगे। लेकिन, जब मुख्य पीड़ित ही अपने बयान से पलट जाता है तो तो केस कमजोर हो जाता है। इस बीच, विपिन के वकील अमित भाटी ने कहा कि बचाव पक्ष जल्द ही जमानत की नई अर्जी दाखिल करेगा। उन्होंने कहा कि हम केस को मेरिट के आधार पर लड़ रहे हैं। सबूतों के आधार पर हम एक हफ्ते के अंदर हाई कोर्ट में विपिन की जमानत के लिए अर्जी देंगे। रोहित को इस साल 7 जनवरी को जमानत मिली थी। उसके बाद 28 जनवरी को सतवीर को और 13 फरवरी को दया को जमानत मिली। विपिन अभी भी लुक्सर जेल में बंद है।

5. पुलिस को समझौते की जानकारी नहीं

जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने भी बताया कि दोनों परिवारों के बीच हुए समझौते के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई थी। अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि निक्की के परिवार ने अपने समझौते के संबंध में पुलिस को लिखित रूप में कुछ भी नहीं दिया। हमने उनके आरोपों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। अब यह मामला अदालत और परिवारों के बीच का है। नोएडा पुलिस ने 22 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि विपिन और उसके ससुराल वाले निक्की के उस प्लान के खिलाफ थे जिसमें वह अपने पुराने सैलून को फिर से खोलना चाहती थी। बताया जा रहा है कि वे उसकी सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों से भी नाराज थे।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

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सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

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