
गाजियाबाद में इन इलाकों में बनाए जाएंगे 5 मिनी स्टेडियम, देखें किन-किन से खेलों की होगी सुविधा
युवाओं को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए गाजियाबाद जिले में पांच मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इन स्टेडियम को 10 करोड़ की लागत से बनाने के लिए अल्पसंख्यक विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
युवाओं को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए गाजियाबाद जिले में पांच मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इन स्टेडियम को 10 करोड़ की लागत से बनाने के लिए अल्पसंख्यक विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। स्टेडियम में क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, सहित आउटडोर खेलों के साथ कई इंडोर गेम्स की भी सुविधा होगी।
जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ाने के साथ ही उनको खेलों में बेहतर बनाने के लिए पांच स्टेडियम बनाए जाएंगे। स्टेडियम बनने से गांव देहात के युवाओं को अपने घर से पास ही खेलों के अभ्यास की सुविधा मिलेगी। मुरादनगर ब्लॉक की दो ग्राम पंचायत सुल्तानपुर और सलेमपुर, भोजपुर की भी दो पंचायत खंजरपुर व औरंगाबाद, वहीं रजापुर की एक चित्तौड़ा पंचायत में स्टेडियम बनाए जाने हैं। स्टेडियम बन जाने के बाद इसमें सभी खेलों के ट्रेनरों की भी नियुक्ति की जाएगी। साथ ही सभी खेलों से जुड़े आधुनिक खेल संसाधन खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध होंगे।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि जिले में पांच स्टेडियम बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। प्रस्ताव को स्वकृति मिलने के बाद स्टेडियम बनाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। स्टेडियम में विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित कराई जाएगी। ताकि यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल सके। नियमित प्रतियोगिता में भाग लेने से खिलाड़ियों को खुद के प्रदर्शन का आकलन करने में आसानी होगी। गांवों में संसाधनों की कमी की वजह से कई प्रतिभाएं उभर नहीं पाती, लेकिन पंचायतों में स्टेडियम बनने से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे।
बिना किसी बाधा के खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे
मिनी स्टेडियम में इंडोर और आउटडोर खेल दोनों की सुविधा होने से कई तरह से युवा खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। हॉल में खेल की सुविधा मिलने से खिलाड़ियों को खराब मौसम के चलते अभ्यास प्रभावित होने का डर नहीं होगा। वे बिना किसी बाधा के खेल का अभ्यास कर सकेंगे।
युवाओं को अभ्यास के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा
ग्राम पंचायतों में स्टेडियम बनने से युवाओं को दूर दराज के शहरों की दौड़ लगाने से निजात मिलेगी। युवाओं को अभी तक खेलों का अभ्यास करने के लिए दिल्ली, मेरठ और नोएडा जैसे शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। स्टेडियम बनने से युवाओं को अपने घर के पास ही सभी खेलों के अभ्यास करने की सुविधा मिलेगी।
अभिनव गोपाल, मुख्य विकास अधिकारी, ''ग्राम पंचायतों में स्टेडियम बनने से ग्रामीण क्षेत्रों के युवा को खेलों का अभ्यास कर आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। गांवों में स्टेडियम की सुविधा होने से युवाओं को शहर की दौड़ नहीं लगानी होगी, उनको घर के पास ही सुविधा मिल सकेगी।''





