दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में घर में लगी भीषण आग, पांच बच्चों समेत सात को बचाया
दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में स्थित एक घर में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। हालांकि फायर बिग्रेड की टीम ने 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर आग पर काबू पा लिया है।

दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में बड़ा हादसा हो गया है। यहां 3 मंजिला मकान में आग लगने की खबर सामने आई है। इस दौरान कई लोग अंदर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और 5 बच्चों समेत सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में केवल एक कुत्ते के घायल होने की खबर सामने आई है और उसे भी बाहर निकाल लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक न्यू फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र स्थित तीन मंजिला इमारत में रविवार दोपहर आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने तीसरी मंजिल पर फंसे पांच बच्चों और दो महिलाओं को बचाया। फायर ब्रिगेड के मुताबिक आग लगने की सूचना दोपहर 3.39 बजे मिली। मौके पर पांच फायर टेंडर भेजे गए। टीम ने सात लोगों को बचाते हुए 4.05 बजे तक आग पर काबू पा लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आग घर की पहली मंजिल पर लगी भी थी जिसके बाद पूरे घर धुआं फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही वाटर बाउजर, क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल और एक बीएफटी यूनिट मौके पर पहुंची और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। शुरुआत में हादसे में एक बच्चे की मौत की खबर भी सामने आई थी। लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस खबर का खंडन किया है।
मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत
पिछले दिनों मालवीय नगर के होटल में भीषण आग लग गई थी जिसमें 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इसके अलावा कई लोग घायल भी हो गए। इसके अलावा हाल में विवेक विहार और पालम में हुई आग की घटनाओं में भी 9-9 लोगों की मौत हुई थी।
पिछले 6 सालों में 543 मौतें
दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2019 से मार्च 2026 तक आग से संबंधित दुर्घटनाओं में कुल 543 लोगों की मौत हुई है। साल 2026 के लगभग पहले छह महीनों में ही आग की घटनाओं में 65 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।
पिछले कुछ सालों में दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को प्राप्त होने वाली सूचनाओं की संख्या भी बढ़ी है। डीएफएस के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में आग की घटनाओं में 84 लोगों, 2024-25 में 90 लोगों और 2023-24 में 77 लोगों की जान गई।
वहीं, 2020-21 में 41 और 2021-22 में 55 मौतें दर्ज की गई थीं। हालांकि, 2022-23 में यह संख्या फिर बढ़कर 95 हो गई थी। आग से होने वाली मौतों की सबसे अधिक संख्या 2019-20 में दर्ज की गई थी। उसी वर्ष अनाज मंडी अग्निकांड हुआ था, जिसमें 44 लोगों की मौत हुई थी। यह 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड में हुई 59 मौतों के बाद दिल्ली की सबसे भीषण आग की घटनाओं में से एक थी।
भाषा से इनपुट
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।
विस्तृत बायो
डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।
अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।
उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।
तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।
और पढ़ें

