ग्रेटर नोएडा में 25 से अधिक सोसाइटियों को अंतिम नोटिस, पेयजल बिल नहीं भरने पर ऐक्शन
ग्रेटर नोएडा में पेयजल के बिल जमा न करने वाले बड़े बकायेदारों पर प्राधिकरण ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। पूर्व में जारी नोटिस के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं करने वालों को अब प्राधिकरण की तरफ से अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा में पेयजल के बिल जमा न करने वाले बड़े बकायेदारों पर प्राधिकरण ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। पूर्व में जारी नोटिस के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं करने वालों को अब प्राधिकरण की तरफ से अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सोसाइटी परिसरों में नोटिस चस्पा होने से निवासी परेशान हो गए हैं।
ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नाेएडा वेस्ट की 101 बिल्डर सोसाइटियों पर पेयजल बिल के करीब 150 करोड़ रुपये बकाया है। अब तक 25 से अधिक सोसाइटी को अंतिम नोटिस जारी किए गए हैं। एक सप्ताह के अंदर बकाया बिल का भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा आरसी जारी कर जिला प्रशासन के माध्यम से वसूली कराई जाएगी।
101 सोसाइटियों पर करीब 150 करोड़ रुपये बकाया
दरअसल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग ने दो माह पहले ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 101 सोसाइटियों को नोटिस जारी किए थे, जिन पर करीब 150 करोड़ रुपये बकाया है। नोटिस जारी होने पर कुछ सोसाइटी प्रबंधन द्वारा बकाया बिल जमा किया गया, लेकिन ज्यादातर पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। अब प्राधिकरण के जल विभाग द्वारा इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस जारी कर बकाया जमा करने के लिए एक निर्धारित समय दिया गया था। बता दें कि, पूर्व में भी कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि 101 ऐसी बिल्डर सोसाइटियों को चिन्हित किया है, जिन पर करीब 150 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें ज्यादातर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसाइटी हैं। बार-बार दिशानिर्देश जारी किए जाने के बाद भी सोसाइटी प्रबंधन द्वारा नियमित रूप से पानी बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कुछ सोसाइटियों ने कभी पानी का बिल जमा नहीं किया।
हरित क्षेत्र में हुए अवैध कब्जे को हटाया
वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर दो में मंदिर के पास हरित क्षेत्र में हुए अवैध कब्जे को प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को तोड़ दिया। प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक इरोज संपूर्णम सोसाइटी के गेट के बाहर हरित क्षेत्र में मंदिर के पास ही समिति द्वारा अवैध निर्माण किया गया था। समिति ने खुद ही प्राधिकरण की टीम की मौजूदगी में अतिक्रमण को हटाया। उद्यान विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक राम कुमार ने बताया कि सोसाइटी के बाहर हरित क्षेत्र में अवैध कब्जा कर कमरों का निर्माण कराने की शिकायत सेक्टर के लोगों ने प्राधिकरण में की थी।


