गुरुग्राम में महिला इंजीनियर ने दी जान, 2 साल पहले हुई थी शादी; मायकेवालों ने पति पर लगाए गंभीर आरोप
गुरुग्राम में पति के साथ रहने वाली एक महिला इंजीनियर ने शादी के महज दो साल बाद ही आत्महत्या कर ली। महिला के परिजनों ने पति पर दहेज के लिए मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पति-पत्नी दोनों एक ही निजी कंपनी में काम करते हैं।

गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में कार्यरत महिला इंजीनियर ने कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके पक्ष की शिकायत पर गुरुग्राम पुलिस ने मृतका के पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो साल पहले धूमधाम से हुई थी शादी
मृतका सुष्मिता और उसका पति जयंत दोनों मूलरूप से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके के रहने वाले थे। दोनों ही पेशे से इंजीनियर थे और गुरुग्राम की एक नामी निजी कंपनी में काम करते थे। लगभग दो साल पहले ही दोनों का विवाह बड़े ही धूमधाम से हुआ था। इसके बाद वे गुरुग्राम में आकर रहने लगे थे। सुष्मिता की मौत की खबर मिलते ही लखनऊ से गुरुग्राम पहुंचे उसके परिजनों ने ससुराल पक्ष और विशेषकर पति जयंत पर गंभीर आरोप लगाए।
पति और ससुरालवालों पर प्रताड़ना के आरोप
सुष्मिता के मायके वालों का कहना है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही जयंत और उसके परिवारवाले सुष्मिता को दहेज के लिए तंग करने लगे थे। आरोपी पति सुष्मिता के साथ अक्सर मारपीट करता था और उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। सुष्मिता को बार-बार अपमानित किया जाता था, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गई थी। मायके पक्ष का आरोप है कि पति की इसी रोज-रोज की प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर सुष्मिता ने आत्महत्या करने के लिए खौफनाक कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-93 चौकी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मायकेवालों के बयान के आधार पर आरोपी पति जयंत के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बाइक सवार इंजीनियर को कार ने कुचला
वहीं, गुरुग्राम सेक्टर-14 क्षेत्र में बेलगाम स्कार्पियो गाड़ी ने बाइक सवार असिस्टेंट इंजीनियर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मूलरूप से उत्तरप्रदेश के लखीमपुर निवासी 24 वर्षीय योंगेद्र मिश्रा एक निजी कंपनी में बतौर असिस्टेंट इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। योंगेद्र अपनी ड्यूटी खत्म कर काले रंग की पल्सर बाइक से कमरे पर लौट रहे थे। जैसे ही वह अतुल कटारिया चौक से होकर बैंक मार्केट के पास पहुंचे, एक अज्ञात चालक ने काले रंग की स्कॉर्पियो-एन को अत्यधिक तेज गति और लापरवाही से चलाते हुए उनकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी। योगेंद्र को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


