मेरे बेटे की हत्या की सीबीआई जांच हो, तरुण के पिता ने दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाए
होली के मौके पर दिल्ली के उत्तम नगर में हुई झड़प में मारे गए 26 साल के तरुण कुमार के पिता ने अपने बेटे की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने इस मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और सीएम रेखा गुप्ता से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।

होली के मौके पर दिल्ली के उत्तम नगर में हुई झड़प में मारे गए 26 साल के तरुण कुमार के पिता ने अपने बेटे की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने इस मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।
होली की रात 4 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी के उत्तम नगर इलाके में हिंसा भड़क उठी, जब एक नाबालिग लड़की ने छत से नीचे से गुजर रहे लोगों पर पानी के गुब्बारे फेंके। बताया जाता है कि इनमें से एक गुब्बारा एक मुस्लिम महिला को लगा, जिसने इसका विरोध किया। पुलिस के अनुसार, बाद में कहासुनी मारपीट में बदल गई और इलाके के परिवारों के बीच हाथापाई छिड़ गई। इसमें कम से कम चार लोग घायल हो गए और तरुण कुमार ने अगली सुबह दम तोड़ दिया।
वह हमारा एकमात्र सहारा था
तरुण के परिवार के अनुसार, जब झगड़ा शुरू हुआ तब वह वहां मौजूद नहीं था। वह अपने दोस्तों के साथ होली खेल रहा था। जब वह घर लौटा तो गली में उसे घेर लिया गया और आठ से दस लोगों ने रॉड, लाठी और पत्थरों से उस पर हमला किया। पीड़ित के पिता मेमराज ने कहा कि लोगों ने लोहे की छड़ों और लाठियों से उस पर हमला किया। बार-बार उसके सिर पर वार किए और उसकी छाती पर एक भारी पत्थर फेंक दी, जिससे उसकी मौत हो गई। वह हमारा एकमात्र सहारा था और डिजिटल मार्केटिंग की पढ़ाई कर रहा था। हम गरीब लोग हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री से अपील
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने भले ही इस मामले में गिरफ्तारियां करने का दावा किया हो, लेकिन उन्हें अभी तक कुछ भी सबूत नहीं दिखाए गए हैं। मेमराज ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं।
कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठे
शुक्रवार को मेमराज कुछ अन्य लोगों के साथ उत्तम नगर थाने में अपने बेटे की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। होली की रात हुई घटना का वर्णन करते हुए तरुण के पिता ने बताया कि जब वे सोने की तैयारी कर रहे थे तो लड़की ने पानी का गुब्बारा फेंका। उस गली से गुजर रही एक महिला ने इस पर आपत्ति जताई और अपने परिवार को बुला लिया। इसके बाह हुई बहस ने झगड़े का रूप ले लिया।
हम सोने की तैयारी कर रहे थे
पीटीआई ने मेमराज के हवाले से बताया कि होली की रात करीब 11 बजे हम सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी एक 6-7 साल की बच्ची ने गलती से ऊपर से पानी का गुब्बारा गिरा दिया। गली से गुजर रही एक महिला ने इस पर झगड़ा शुरू कर दिया। हमने माफी मांगी, लेकिन उसने अपने परिवार वालों को इकट्ठा कर लिया। थोड़ी ही देर में 15-20 लोग लाठी-डंडों से आ गए और हम पर हमला करने लगे। हम घर के अंदर भागे, लेकिन उन्होंने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। परिवार के कई सदस्य घायल हो गए।
वाहन जलाए गए, प्रदर्शन भड़क उठे
तरुण कुमार की मौत के बाद पीड़ित के लिए न्याय की मांग को लेकर इलाके में प्रदर्शन भड़क उठे। शुक्रवार रात उत्तम नगर में एक कार और एक बाइक समेत कुछ वाहनों को आग लगा दी गई और प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और शनिवार सुबह कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) भी तैनात की गई थी।
शांति बनाए रखने का आग्रह
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कुशल पाल सिंह ने कहा कि मौजूदा तनाव को देखते हुए इलाके में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से उन्होंने कहा कि हमने इलाके को जोन, सेक्टर और उप-सेक्टर में विभाजित कर दिया है। हमारी मोटरसाइकिलें और वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं। दोनों समुदायों के लोगों से अपील की गई है और उनसे इलाके में शांति और व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


