बाप का काम सुरक्षा देना है; दिल्ली में बेटी का रेप कर गर्भवती करने वाले को HC से झटका

Jan 22, 2026 02:53 pm ISTGaurav Kala नई दिल्ली, पीटीआई
share Share
Follow Us on

दिल्ली में नाबालिग बेटी से रेप कर गर्भवती के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से आरोपी पिता को झटका लगा है। निचली अदालत के उम्रकैद की सजा के खिलाफ उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

बाप का काम सुरक्षा देना है; दिल्ली में बेटी का रेप कर गर्भवती करने वाले को HC से झटका

दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के दोषी व्यक्ति को दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि पिता का कर्तव्य अपनी बेटी की सुरक्षा करना है, उसे ऐसे जघन्य अपराध में किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने भ्रूण की डीएनए जांच रिपोर्ट को महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मानते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि पिता ने ही अपनी नाबालिग बेटी के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। अदालत ने इसे “रिश्ते की दृष्टि से अत्यंत वीभत्स अपराध” करार दिया।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और मधु जैन की पीठ ने दोषी पिता की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने यह राहत देने से इनकार कर दिया, भले ही ट्रायल के दौरान पीड़िता और उसकी मां अपने बयानों से मुकर गई थीं। घटना के समय पीड़िता की उम्र 14 वर्ष थी।

गवाही से मुकरने के पीछे सामाजिक दबाव

अदालत ने अपने 15 जनवरी को दिए गए फैसले में कहा कि “परिवार की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के कारण पीड़िता और उसकी मां ने परस्पर विरोधाभासी बयान दिए थे। लेकिन ऐसे मामलों में अदालत वैज्ञानिक साक्ष्यों की पूरी तरह अनदेखी नहीं कर सकती।”

सजा निलंबन की अर्जी भी खारिज

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “एक पिता, जिसे अपनी बेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, उसे इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं दी जा सकती। सजा निलंबन की अर्जी पूरी तरह निराधार है और अपील में भी कोई दम नहीं है।” अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक रितेश कुमार बहरी और अधिवक्ता विभा, ललित लूथरा और दिव्या यादव ने अदालत में दलील दी कि यह स्पष्ट और मजबूत सबूतों वाला मामला है। उन्होंने कहा कि जिरह के दौरान यह साफ हुआ कि पीड़िता ने परिवार की आजीविका को देखते हुए अपना बयान बदला।

ट्रायल कोर्ट ने दी उम्रकैद

इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने जुलाई 2025 में आरोपी को भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत दुष्कर्म, गंभीर यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी का दोषी ठहराया था। इसके बाद अगस्त 2025 में उसे जीवन पर्यंत कारावास की सजा सुनाई गई थी।

2021 में दर्ज हुआ था केस

मामले की एफआईआर 2021 में दर्ज हुई थी, जब पीड़िता अपनी मां के साथ थाने पहुंची थी। उस समय वह तीन माह की गर्भवती थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता ने जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त कराया गया और भ्रूण के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए थे।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें