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बड़खल झील को भरने के लिए दस दिन में काम शुरू होगा

बड़खल झील को भरने के लिए दस दिन में काम शुरू होगा

बड़खल झील को पानी से लबालब करने की परियोजना पर अगले 10 दिन में काम शुरू होगा। इसके लिए सबसे पहले जल विज्ञान संबंधी अध्ययन (हाइड्रोजियोलोजिकल स्टेडी) शुरू हो जाएगा। राज्य सरकार के आदेश पर फरीदाबाद स्मार्टसिटी लिमिटेड (एफएससीएल) ने शुक्रवार को स्मार्ट सिटी की परियोजनाएं तैयार करने के लिए गठित पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट) कनाड़ा की कंपनी ली एसोसिएट्स साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड को हाइड्रोजियोलॉजिकल स्टेडी काम दिया है। राज्य सरकार ने नहर से पानी झील में पहुंचाने के सिचांई विभाग के प्रस्ताव को अस्वीकृत करते हुए अब बड़खल झील परियोजना का काम फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड (एफएससीएल) को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सौंपा है। राज्य सरकार के ऐसे आदेश एफएससीएल को बुधवार को मिले हैं।

अरावली पर्वत शृंखलाओं के बीच बड़खल झील बीते करीब एक दशक से सूख चुकी है। स्मार्ट सिटी परियोजना के प्रस्तुतिकरण के दौरान बड़खल झील को पानी से भरने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे विकतिस करने में दिलचस्पी दिखाई थी। इसके बाद से ही राज्य सरकार ने इसे स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित कराने के अधिकारियों को निर्देशित भी किया था। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने बीते 13 अप्रैल को इस मुद्दे पर चर्चा की और सिंचाई विभाग के आगरा नहर से पानी झील में पहुंचाने के प्रस्ताव को अस्वीकृत करते हुए फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड को इसके लिए निर्देश जारी किए थे। बुधवार को ऐसे आदेश एफएससीएल को मिले हैं, जिससे अब स्थिति स्पष्ट हो चुकी है कि बड़खल झील का विकास एफएससीएल करेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए करीब 45 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया है।

करीब 400 दिन में भरेगी बड़खल झील :

बड़खल झील को भरने के लिए सेक्टर-21 इलाके में सीवर के पानी का संशोधन सयंत्र (एसटीपी) लगेगा। यह सयंत्र 10 एमएलडी पानी प्रतिदिन संशोधित करके झील के लिए तैयार करेगा। करीब 30 हेक्टेयर में फैली बड़खल झील को भरने के लिए करीब 400 दिन लगेंगे। पीएमसी अपनी स्टेडी में यह भी अध्ययन करेगी कि सयंत्र कहां और किस आधुनिकतम तकनीक से युक्त लगेगा? इस सयंत्र की ऑनलाइन निगरानी होगी। खराब पानी की आपूर्ति स्वत: रूक जाएगी। अन्यथा पानी की जांच में ही महीनों लगेंगे और परियोजना लटकने की आशंका रहेगी।

समुंद्री जीव जंतु भी होंगे झील में :

बड़खल झील को प्राकृतिक रंग रूप में करने के लिए इसमें समुंदी जीवन जीने वाले जीव जंतु भी होंगे। इसमें बहुत सारी प्रजातियों की मछली, क्लेम, मसल, स्पंज, नलिका कृमि, केकड़ा आदि जीव जंतु भी इसमें होंगे। सीवर के पानी को पीने योग्य बना कर उसे झील तक पहुंचाया जाएगा।

झील का सौंदर्यीकरण :

झील का सौंदर्यीकरण गुणवत्तायुक्त होगा। धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और मनोरंजन के नजरिये से झील को एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। झील को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य इसे फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड की पीएमसी इसकी परियोजना तैयार करेगी।

झील सूखने से गिरा शहर का भूजलस्तर :

बड़खल झील का विकसित होना इसलिए भी जरूरी है कि झील के सूख जाने के बाद शहर में भूजल स्तर में काफी तेजी से गिरावट दर्ज की गई। एनआईटी क्षेत्र का भूजल पहले 125 से 150 फीट नीचे तक होता था, अब वह भूजल गिरकर 450 से 500 फीट नीचे तक चला गया है। लेकिन बड़खल झील शुरू होने के बाद एक बार फिर क्षेत्र का भूजल बढ़ता नजर आएग।

बड़खल झील के चारों ओर दिखेगा घनघोर जंगल :

बड़खल झील के चारों ओर घनघोर जंगल भी विकसित किया जाएगा। वन विभाग झील के चारों ओर पौधारोपण करेगा। बड़खल झील के प्राकृतिक सौंदर्य को फिर से बनाए रखने को इसे पानी से गुलजार करना होगा। अरावली पर्वत श्रृंखला से बारिश का पानी झील में पहुंच सके इसके लिए वन विभाग झील चारों ओर जंगल खड़ा करने की कवायद करेगा।

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बीते 10 साल में झील को भरने के लिए अब तक किए गए उपायों पर एक नजर

-जल स्त्रोत तलाशने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी, कामयाबी नहीं मिली

-हरियाणा पर्यटन निगम ने झीलों को भरने के लिए लगाए ट्यूबवेल रहे नाकाम -थर्मल पावर के डिस्पोजल से पानी लाने की योजनाए सिरे नहीं चढ़ी

-बरसाती पानी लाने के लिए अरावली पहाड़ी की खदानों के चारों तरफ लगाए रिंग बांध कामयाब नहीं हुए

-दो करोड़ की लागत से ड्रीम वैली का प्रोजेक्ट का काम पूरा नहीं हुआ

-नहरी पानी झील में पहुंचाने पर विचार हुआ

-अव फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड इस पर काम शुरू कर रही है

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बड़खल झील की रौनक लौटाने के लिए सबसे पहले यह करना होगा

-सरकार को झील की तलहटी में लगे मिनरल वाटर सबसे पहले बंद करने होंगे

-बारिश के पानी का ज्यादा से ज्यादा इसमें संचय किया जाए

-इलाके में बोरिंग पर प्रतिबंध लगाया जाए

-पानी का स्त्रोत बनाया जाए

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आनंद मोहन शरण, चेयरमैन, एफएससीएल: राज्य सरकार ने बड़खल झील को भरने का काम एफएससीएल को सौंपा है। हमने पीएमसी को इसकी स्टेडी के आदेश शुक्रवार को दे दिए हैं। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा और बड़खल फिर से एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में दिखाई देगा।

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  • Web Title: Work will start in ten days to fill the Badkhal lake