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गुणवत्ता युक्त शिक्षा के बल पर ही देश विश्व गुरु बनेगा

केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि गुणवत्तायुक्त शिक्षा के बल पर ही भारत विश्व गुरु बनेगा। भारत दुनिया को चरित्र की शिक्षा देगा। अगर शिक्षा चरित्रवान होगी तो देश भी चरित्रवान होगा। भारत संस्कारों को देश है, इसलिए शिक्षा हमेशा उच्च होती है।

डॉ. सत्यपाल रविवार को मानव रचना शैक्षणिक संस्थान में अखिल भारतीय कुलपति एवं शिक्षाविद् संघ द्वारा उच्च शिक्षा पर आयोजित किए गए राष्ट्रीय सेमिनार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक स्कूलों में शिक्षा का स्तर नहीं सुधरेगा, तब तक देश आगे नहीं बढ़ेगा। किसी भी देश की तरक्की उसके ज्ञान पर निर्भर करती है। बच्चों को ज्ञानशील शिक्षक ही बना सकते हैं। अगर शिक्षक विवेकशील होंगे तो पीढ़ियां सुधरेंगी। अगर शिक्षा चरित्रवान होगी तो कुछ बनने से पहले व्यक्ति बेहतर इंसान बन सकेगा। ज्ञान और विज्ञान सूर्य की तरह है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में जब छात्र पीएचडी करते हैं, तो वे पहले से उसके लाभ और नुकसान का अंदाजा लगाते हैं। इसलिए कई विषयों में पीएचडी करने की होड़ लगी होती है। इसलिए गुणवत्ता में विश्वास करते हुए एक विषय में ही पहले बेहतर पीएचडी करें। उन्होंने कहा कि अनुसंधानपरक शिक्षा देश के उच्च शिक्षा परिदृश्य में अहम बदलाव लाने में प्रमुख कारक है। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था बीते वर्षों में ध्वस्त हो गई थी। बीते चार वर्षों में इसमें सुधारीकरण तेज किया गया है। शिक्षा हमेशा उच्च होती है, लेकिन अपने देश में शिक्षा को दो भागों में बांटा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के शिक्षाविदों से शिक्षा में सुधार की उम्मीद करते हैं।

शिक्षा के उद्देश्य को पूरा कर रहा मानव रचना

केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य मानव की रचना करना है। ऐसे में मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के संस्थापक डॉ. ओपी भल्ला ने संस्थान को उपयुक्त नाम चुना है। इसके लिए उन्हें नमन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की सभी योजनाओं की जानकारी मानव रचना शिक्षण संस्थान में छात्रों को मिलेगी। ऐसी व्यवस्था संस्थान बेहतर करेगा।

डॉ. प्रशांत भल्ला को संघ का संरक्षक नियुक्त किया

मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला को अखिल भारतीय कुलपति एवं शिक्षाविद संघ का संरक्षक नियुक्त किया गया। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर लोकेश शेखावत, डॉ. एनसी वाधवा, डॉ. संजय श्रीवास्तव, प्रो. बीएन पांडे, डॉ. पीएल चतुर्वेदी, सुकेश कुमार, कर्नल (डॉ.) एसएस सारंगदेवत आदि ने इस नियुक्ति का स्वागत किया। कार्यक्रम में कई प्रदेशों के शिक्षाविद मौजूद रहे। इस मौके पर एक मैगजीन का विमोचन किया गया। यह मैगजीन वर्ष में चार बार छापी जाएगी, जिसमें शिक्षा से जड़ी जानकारी उपलब्ध होगी।

मानव रचना शैक्षणिक संस्थान में कोशल विकास कार्यक्रम

संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला ने बताया कि राष्ट्रीय कौशल विकास प्राधिकरण के सहयोग से मानव रचना शिक्षण संस्थान में कोशल विकास के कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। परिणामत: प्राधिकरण के सहयोग से रोजगार मेला लगाया गया , जिसमें करीब डेढ़ हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिले।

शिक्षाविदों को अध्ययन प्रक्रिया की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद

शिक्षाविद डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को ज्ञान के सृजन के लिए गुणवत्तायुक्त शिक्षा ही आवश्क है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को आश्वस्त किया कि स्किल इंडिया और अनुसंधान परक शिक्षा पर शैक्षणिक संस्थानों का जोर रहेगा। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक जो भी बदलाव हैं उन्हें लागू किया जाएगा। अनुसंधान के बाद तैयार किए गए पाठ्यक्रम तैयार हो सकेंगे।

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