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फरीदाबाद

जेसी बोस विश्वविद्यालय में साहित्य और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर वेबिनार

हिन्दुस्तान टीम,फरीदाबादPublished By: Newswrap
Wed, 07 Jul 2021 11:50 PM
जेसी बोस विश्वविद्यालय में साहित्य और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर वेबिनार

फरीदाबाद। जेसी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साहित्य और भाषा विभाग द्वारा आयोजित वेबिनार श्रृंखला में बुधवार को साहित्य और संस्कृति में विवादास्पद मुद्दे विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय दिल्ली में प्रोफेसर तथा भाषाई न्याय और लुप्तप्राय भाषा केंद के निदेशक विशेषज्ञ प्रो. प्रसन्नांशु ने कानून, साहित्य और भाषा पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सिसेरो से लेकर शेक्सपियर, फ्योडोर दोस्तोवस्की और फ्रांज काफ्का तक के लेखकों के बारे में जानकारी दी। वेबिनार में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रो. प्रसन्नांशु ने शेक्सपियर के नाटकों और पुराने तमिल ग्रंथों का आधुनिक न्यायशास्त्र और वर्तमान मानव अधिकारों के निर्माण के दृष्टिकोण से विश्लेषण किया। इससे पहले विभाग के अध्यक्ष प्रो. अतुल मिश्रा ने फैकल्टी द्वारा नियोजित की जा रही डिजिटल मानविकी परियोजना के तहत फोरेंसिक भाषा विज्ञान से संबंधित कुछ कार्यक्रमों को विकसित करने पर विचार रखे। कार्यक्रम समंवयक डॉ. दिव्यज्योति सिंह ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया और कहा कि विभाग सत्र के सार को बहुविषयक शिक्षा परियोजनाओं में बदलने का प्रयास करेगा।

इसके अलावा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग एवं पंडित दीन दयाल उपाध्याय सेंट्रल लाइब्रेरी के संयुक्त तत्वावधान में शोध पत्रिकाओं में गुणवत्ता अनुसंधान पत्रों के लेखन और प्रकाशन की प्रक्रिया पर ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया। इस वेबिनार में देशभर से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वैज्ञानिक अनुसंधान में भारत का योगदान, गुणवत्तापूर्ण लेखन प्रक्रिया, शोध पत्रों को अनुसंधान जर्नल में प्रकाशित करने के विभिन्न चरण आदि पर अपने विचार रखे। उन्होंने वैज्ञानिक शोध तथा शोध के प्रभाव को मापने के तौर-तरीकों की भी जानकारी दी। इलेक्ट्रानिकल इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्ष प्रो. पूनम सिंघल ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य शोधार्थियों को प्रभावी ढंग से अनुसंधान करने के लिए जरूरी कौशल और क्षमता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है ताकि इससे समाज को भी लाभ हो।

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