Faridabad News: दूषित पानी पर फूटा लोगों का गुस्सा
Faridabad News: फरीदाबाद में पेयजल संकट लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र के विधायक सतीश फागना के सामने स्थानीय निवासियों ने दूषित पानी की शिकायत की। 10 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। विधायक ने नई पेयजल लाइन बिछाने का आश्वासन दिया। इस बीच, टैंकर के जरिए वैकल्पिक सप्लाई का प्रयास किया जाएगा।

Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। सेक्टर-52 और संजय कॉलोनी में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। दूषित और बदबूदार पानी से परेशान लोगों ने रविवार को विधायक सतीश फागना के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। विधायक सेक्टर-52 के एक पार्क में पौधरोपण कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें घेरकर पेयजल समस्या से अवगत कराया और जल्द समाधान की मांग की। लोगों ने बताया कि पहले क्षेत्र में ट्यूबवेल का पानी खारा आता था, लेकिन उसमें बदबू नहीं होती थी। अब नलों से आने वाले पानी में तेज दुर्गंध के साथ गंदगी भी है। उनका आरोप है कि कहीं न कहीं सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है। कई बार तो नलों से सीवर जैसा काला पानी निकलता है, जो किसी भी उपयोग के लायक नहीं रहता। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पानी से न तो कपड़े धोए जा सकते हैं और न ही इसे पीने या खाना बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। दूषित पानी के कारण लोगों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। यह पहला मौका नहीं है कि इस क्षेत्र के लोग पेयजल समस्या को लेकर विरोध जता रहे हैं। इससे पहले डबुआ कॉलोनी के निवासियों ने पानी की किल्लत से तंग आकर अपने घरों की दीवारों पर यह मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगाकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था.
10 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
सेक्टर-52 और संजय कॉलोनी की 10 हजार से अधिक आबादी नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिलने से प्रभावित है। क्षेत्र में मछली मार्केट बूस्टर से पानी की नई लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन वार्ड-4 के पार्षद के विरोध के बाद काम बीच में ही रुक गया। मामला अब अदालत में विचाराधीन है। विधायक सतीश फागना ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सेक्टर-25 बूस्टर से नई पेयजल लाइन बिछाने का काम कराया जा रहा है। यह लाइन सीधे संजय कॉलोनी, सेक्टर-52 और एनआईटी के कई इलाकों तक पानी पहुंचाएगी। उन्होंने बताया कि इस कार्य को पूरा होने में करीब एक माह का समय लग सकता है। तब तक लोगों को राहत देने के लिए टैंकरों के माध्यम से वैकल्पिक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा.
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