
बजट से औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलने की उम्मीद
फरीदाबाद के उद्यमी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट में मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा देने की नीति की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि विनिर्माण क्षेत्र की जीडीपी में हिस्सेदारी 16% से बढ़ाकर 25% होनी चाहिए। उद्यमियों ने एआई और सस्ते ऋण के लिए भी सरकार से सहायता की अपील की।
फरीदाबाद। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लोकसभा में बजट पेश करेंगी। शहर के उद्यमियों को बजट से औद्योगिक विकास खासकर मैन्युफेक्चरिंग(विनिर्माण) को बढ़ावा देनेकी नीति बनने की उम्मीद है। उद्यमियों का माननाहै कि मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर की जीडीपी में एक चौथाई हिस्सेदारी होनी चाहिए। शहर के उद्यमी ऑटोमोबाइलऔर गारमेंट सेक्टर के उद्योगों के लिए निर्यात को बढ़ावा देने की भी मांग कर रहे हैं। शहर में करीब 30 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं। यहां ऑटोमोबाइल से जुड़े उद्योग सबसे ज्यादा हैं। वहीं बुलेटप्रूफ, गारमेंट, क्रेन, अर्थमूवर मशीन, ट्रैक्टर, दवा, प्रिंटिंग मशीन, पंखे, घरेलू उपकरण, रेलवे उपकरण आदि बनाने की फैक्टरियां हैं।
आईएमटी में भी बड़ी फैक्टरियां बन चुकी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर के उद्योगों को ग्रोथ की जरूरत है। शहर के उद्यमी ऑटोमोबाइल सेक्टर से लेकर बुलेट प्रूफ उद्योग को बढ़ावा देने की नीति बनाने की मांग कर रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि सरकार बजट में ऐसी नीति लेक आए, जिससे विनिर्माण क्षेत्र बढ़ सके। अभी विनिर्माण क्षेत्र कुल जीडीपी का 16-प्रतिशत है। इसे 25 प्रतिशत तक ले जाने के लिए नीतियां बननी चाहिए। इससे देश में औद्योगिक विकास की रफ्तार बढ़ेगी। वहीं उद्यमी उद्यमी टैरिफ जैसे हालातों से निपटने के लिए निर्यात सेक्टर को अनुदान देने की मांग कर रहे हैं। क्या कहते हैं उद्यमी हमारा संगठन तो सरकार से विनिर्माण क्षेत्र की ग्रोथ के लिए नीति बनाने मांग कर रहा है। विनिर्माण क्षेत्र का विकास होने से औद्योगिक विकास तो होगा ही। साथ में रोजगार के मौके पर भी बढ़ेंगे। वहीं सरकार को एआई(आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर अपना फोकस बढ़ाना चाहिए’ राज भाटिया, प्रधान, फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन केंद्रीय बजट में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नीतियां बनानी चाहिए। शहर में ऑटोमोबाइल, बुलेटप्रूफ और गारमेंट सेक्टर के ज्यादा उद्योग हैं। इनके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास छूट देनी चाहिए। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से भी उद्योग प्रभाति हुए हैं। इसके लिए भी नीतिय् बननी चाहिए श्याम सुंदर कपूर, ऑल इंडिया फोरम ऑफ एमएसएमई केंद्रीय बजट में रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के लिए ज्यादा फंड आवंटित करना चाहिए। एमएसएमई क्षेत्र के उद्योगों को नई मशीनरी,ऑटोमेशन, डिजिटल टूल्स, एआई आधारित समाधान और इंडस्ट्री 4.0 तकनीक अपनाने के लिए सस्ते ऋण लाभ मिलना चाहिए, ताकि एमएसएमई वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक सकें’ रोहित रूंगटा, महासचिव फरीदाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री केंद्रीय बजट से आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट पर ज्यादा बजट खर्च होना चाहिए। औद्योगिक विकास के लिए आधारभूत ढांचे का बेहतर होना जरूरी है। वहीं लघु उद्योगों के विकास के लिए सरकार को सस्ते ऋण की व्यवस्था करनी चाहिए’ अमृत पाल कोचर, जिला महासचिव, लघु उद्योग भारती

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