Faridabad News: पाली सीएचसी में ट्रॉमा केयर सेंटर बनाने की तैयारी
Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। गांव पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जल्द ही ट्रॉमा

Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। गांव पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जल्द ही ट्रॉमा केयर सुविधा विकसित की जाएगी। लोक निर्माण विभाग की ओर से सीएचसी परिसर में विशेष मरम्मत और निर्माण कार्य कराया जाएगा। विभाग ने अगले महीने काम शुरू करने की तैयारी की है। इस कार्य को दो माह में पूरा करने लक्ष्य रखा गया है।
शहर में ट्रॉमा सेंटर की आवश्यकता
शहर में अभी कोई सरकारी ट्रॉमा सेंटर नहीं है, मरीजों हादसे के बाद मरीजों को समय पर पूरी उपचार मिल सके। हादसे में घायलों को अभी बीके अस्पताल रेफर किया जाता है। जिला स्तर पर ट्रॉमा केयर की सुविधाएं नहीं होने पर यहां से भी मरीजों को दिल्ली के बड़े अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। समय पर उचित इलाज के अभाव में कई बार मरीजों की बीच रास्ते जान चली जाती है।
स्थानीय उपचार की सुविधा
पाली सीएचसी में ट्रॉमा केयर सुविधा विकसित होने से आसपास के 20 से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को शुरुआती उपचार स्थानीय स्तर पर मिलने में मदद मिलेगी। इससे गंभीर मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। ट्रॉमा केयर सुविधा शुरू होने के बाद पाली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क हादसों और अन्य आपात स्थितियों में घायल मरीजों को स्थानीय स्तर पर शुरुआती उपचार मिल सकेगा।
गोल्डन आवर में उपचार की महत्वता
दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी गोल्डन आवर मरीज की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान घायल को जल्द से जल्द जरूरी चिकित्सा सहायता मिलना जरूरी है। ट्रॉमा सेंटर और विशेषज्ञ सुविधाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को रेफर करने की प्रक्रिया में समय लग जाता है। इससे उनकी हालत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। हाल के दिनों में मुजेसर स्थित एक इस्पात फैक्टरी में आग लगने की घटना के दौरान भी कई गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर उपचार के लिए एम्स और सफदरजंग अस्पताल भेजना पड़ा था। ऐसे मामलों में जिले में स्थानीय स्तर पर बेहतर ट्रॉमा सुविधा की जरूरत महसूस की जाती रही है।
वर्जन
पाली सीएचसी में ट्रॉमा केयर सुविधा शुरू होने से हादसों में घायल मरीजों को स्थानीय स्तर पर शुरुआती उपचार मिल सकेगा। अभी गंभीर घायलों को बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। सुविधा शुरू होने से गोल्डन आवर में इलाज मिलने और मरीजों को समय पर आगे रेफर करने में मदद मिलेगी।
-प्रकाशलाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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