
40 महिलाओं को डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण दिया गया
फरीदाबाद के गांव छांयसा में पशु विज्ञान केंद्र पलवल द्वारा पांच दिवसीय डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें 40 अनुसूचित जाति की महिलाओं को दूध उत्पादन, पशु देखभाल, कृत्रिम गर्भाधान और स्वच्छ दूध उत्पादन के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंत में सभी महिलाओं को प्रमाण पत्र और खनिज मिश्रण वितरित किए गए।
फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। पशु विज्ञान केंद्र पलवल द्वारा गांव छांयसा में पांच दिवसीय डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण की संयोजक डॉ. रेखा दहिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को दूध उत्पादन के लिए गाय और भैंसों कि प्रमुख नस्लों की जानकारी होना बहुत ही महत्वपूर्ण है। पशुओं के चीचड़, मक्खी तथा कृमि से रोकथाम के उपाय, संतुलित पशु आहार, स्वच्छ दूध उत्पादन, पशुओं के गर्मी में आने के लक्षण, कृत्रिम गर्भाधान की अधिकतम सफलता हेतु मुख्य सुझाव, गाभिन पशु की देखभाल, गर्मी, सर्दी और बरसात के मौसम में देखभाल, थनैला रोग, प्रजनन संबंधी समस्याएं तथा उनका निदान, पशुओं में मुंह-खुर पका, गलघोंटू रोग आदि से बचाव एवं टीकाकरण पर विस्तृत जानकारी दी गई।
दूध का मूल्य संवर्धन तथा गुणवत्ता की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण में गांव छांयसा की 40 अनुसूचित जाति की महिलाओं ने हिस्सा लिया। पशुपालन विभाग,फरीदाबाद के अधिकारियों द्वारा भी अपने विभाग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली से डॉ मुकेश कुमार और डॉ शोमेन पाल ने पशुओं से संबंधित IVRI मोबाइल एप्स के बारे में और सेवानिवृत्त पशु विज्ञान केंद्र रोहतक से डॉ राजेंद्र सिंह ने वैज्ञानिक पद्धतियों से पशुओं का प्रबंधन, रखरखाव और आवास प्रबंधन पर महिलाओं को विस्तृत जानकारी दी और अंत में सभी महिलाओं को निशुल्क खनिज मिश्रण और प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

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