ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे पर काम फिलहाल बंद

Newswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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पन्हेड़ा खुर्द गांव के पास ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण स्थल पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की जान गई। हादसे के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है और जांच समिति की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतकों के परिजनों को शव सौंप दिए गए हैं।

ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे पर काम फिलहाल बंद

बल्लभगढ़, अशोक जैन। पन्हेड़ा खुर्द गांव के पास ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण स्थल पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है। हादसे में जान गंवाने वाले इंजीनियर सहित तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) व जिला उपायुक्त की ओर से गठित जांच कमेटी ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। गुरुवार शाम आए तेज आंधी-तूफान के दौरान निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर लगी दो विशाल गैन्ट्री क्रेन अचानक कंटेनर पर पलट गई थीं। क्रेनों के गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। कंटेनर में बैठे एक इंजीनियर और दो मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गए थे और एक घायल हो गया था। घटना के बाद से पूरे निर्माण स्थल पर सन्नाटा पसरा हुआ है और मशीनरी भी बंद पड़ी है。

जांच प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां क्रेन संचालन, मौसम संबंधी परिस्थितियों, तकनीकी खामियों और सुरक्षा मानकों के पालन सहित विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। हालांकि कुछ स्तर पर क्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली और सुरक्षा तंत्र को लेकर चर्चाएं हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव

हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार अभी तक सुरक्षा इंतजामों में कोई विशेष बदलाव दिखाई नहीं दिया है। निर्माण स्थल के आसपास पूर्व की तरह ही बैरिकेडिंग और सामान्य सुरक्षा प्रबंध मौजूद हैं। हादसे के बाद अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की घोषणा भी नहीं की गई है।

आर्थिक सहायता की मांग

हादसे में जान गंवाने वाले इंजीनियर और मजदूरों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मृतकों के आश्रितों को उचित आर्थिक सहायता, रोजगार और अन्य सुविधाएं देने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार रहे इन कर्मचारियों की असमय मौत से उनके परिजनों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

जांच की स्थिति

एसीपी तिगांव अशोक कुमार ने बताया कि जिला उपायुक्त के आदेश पर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक मृतकों के परिजनों की ओर से किसी प्रकार की शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है। ऐसे में फिलहाल जांच प्रक्रिया पर ही पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण हुआ या फिर कहीं तकनीकी अथवा सुरक्षा संबंधी लापरवाही भी इसके लिए जिम्मेदार थी। तब तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के इस हिस्से पर निर्माण कार्य बंद रहने की संभावना है।

मामले में एनएचएआई के परियोजना निदेशक धीरज कुमार से कई बार फोन और मैसेज से संपर्क किया गया, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हादसा कब हुआ था?
हादसा गुरुवार शाम को तेज आंधी-तूफान के दौरान हुआ था।
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