आश्रम से बदरपुर बॉर्डर तक बेरोकटोक दौड़ सकेंगे वाहन
फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। दिल्ली के आश्रम चौक से लेकर बदरपुर बॉर्डर तक ट्रैफिक जाम

फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। दिल्ली के आश्रम चौक से लेकर बदरपुर बॉर्डर तक ट्रैफिक जाम मुक्त करने की परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) लगभग तैयार हो गई है। शुक्रवार को एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया) ने परियोजना काम शुरू करने की प्रक्रिया से पहले शुक्रवार को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है। एनओसी मिलने के बाद विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।
जाम की समस्या
मौजूदा समय में आश्रम चौक से लेकर बदरपु रबॉर्डर तक जाम ट्रैफिक रेंगता रहता है। सुबह-शाम व्यस्त घंटों में करीब साढ़े आठ किलोमीटर लंबे इस हिस्से को पार करने में पौना घंटा तक लग जाता है। यहां न्यू फ्रेंडस कॉलेनी, ओखला मोड़, सीआरआरआई , सरिता विहार के पास ट्रैफिक लाइट होने से वाहन चालकों को रुकना पड़ता है। वहीं आली गांव और मदनपुर खादर के पास भी ट्रैफिक लाइट हैं। जाम को देखते हुए फिलहाल इन्हें बंद कर दिया गया है। जाम को देखते हुए गत वर्ष दिल्ली सरकार ने अपने हिस्से के इस मार्ग को एनएचएआई को सौंप दिया था। तब से लेकर अब तक इसकी डीपीआर का काम चल रहा था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इसकी डीपीआर लगभग तैयार हो चुकी है। इस परियोजना पर करीब 500 से 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे।योजना के मुताबिक, जितनी भी जगह ट्रैफिक लाइट हैं, वहां पर सभी जगह फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इस परियोजनाको पूरा करने के लिए पेड़ों की कटाई करनी होगी। इसके लिए शुक्रवार को एनएचएआई प्रबंधन ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में एनओसी लेने के लिए आवेदन कर दिया है। एनओसी मिलने के बाद विभाग टेंडर प्रक्रियाशुरू कर देगा।
वैकल्पिक मार्ग की उपलब्धता
फरीदाबाद की ओर से दिल्ली के लिए आवाजाही करने के लिए दिल्ली-आगरा हाईवे ही एकमात्र विकल्प है। इसका दूसरा विकल्प डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे है। यह दिल्ली तक दो माह में पूरी तरहबनकर तैयार हो सकता है। इसका करीब 93 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। दिल्ली कालिंदी कुंज चौक के पास इस एक्स्प्रेसवे का आर्च ब्रिज बनते ही इस का निर्माण कार्य होना है। डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक शुरू होने के बाद बदरपुर से आश्रम की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।
परियोजना की लागत
‘आश्रम से बदरपुर तक हाईवे को जाम मुक्त करने के लिए डीपीआर लगभग तैयार हो गई है। इस पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक दिन पहले ही केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में एनओसी के लिए आवेदन किया गया है। एनओसी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
-धीरज सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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