DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अदालत की अवमानना करने पर नगर निगम के तीन अधिकारी दोषी करार

अदालत से स्थगन आदेश होने के बाद भी गांव फतेहपुर चंदीला में करीब छह दुकानों को तोड़ने के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने नगर निगम के चार अधिकारियों को अदालत की अवमानना का दोषी करार दिया है। इस मामले में सजा एक नवंबर को सुनाई जाएगी। दोषी करार दिए गए अधिकारियों में संयुक्तायुक्त, कार्यकारी अभियंता, उपमंडीलय अभियंता और कनिष्क अभियंता शामिल हैं। जबकि इस मामले में आरोपी बनाए गए निगमायुक्त और डीटीपीई समेत तीन अधिकारियों को अदालत ने दोषी नहीं माना और इस मामले से बरी कर दिया। इस मामले में नगर निगम के अधिवक्ता एनके गर्ग ने बताया कि याचिकाकर्ता ने इस तोड़फोड़ के होने पर अदालत में नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना करने की याचिका दायर की थी। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने संयुक्तायुक्त सुनीता वर्मा, कार्यकारी अभियंता वीरेंद्र कर्दम, उपमंडलीय अभियंता ओपी मोर और कनिष्क अभियंता रणवीर सिंह को दोषी करार दिया गया। अधिवक्ता एनके गर्ग ने बताया कि अधिकारियों ने वर्ष करीब तीन साल पहले गांव फतेहपुर चंदीला के सरकारी स्कूल के साथ करीब छह दुकानों को तोड़ दिया था, जबकि इन दुकानों पर अदालत का स्थगन था। दोषी करार दिए गए अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Three mcf officer convicted of contempt of court