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फरीदाबादअस्पताल से लेकर मेडिकल स्टोर तक दवाइयों की होने लगी किल्लत

हिन्दुस्तान टीम,फरीदाबादPublished By: Newswrap
Fri, 16 Apr 2021 11:50 PM
अस्पताल से लेकर मेडिकल स्टोर तक दवाइयों की होने लगी किल्लत

जिले में कोरोना वायरस-रोधी इंजेक्शन रेमडेसिविर समेत अन्य दवाई की किल्लत होने लगी है। विटामिन सी और डी की मांग तेजी से बढ़ रही है। बीके जिला राजकीय नागरिक अस्पताल में बीते दो दिन से यह दवाई खत्म हो चुकी है। जबकि इस दवाई वार्ड में होने का दावा किया गया है। अस्पताल प्रशाासन ने तीन दिन पहले रेमडेसिविर इंजेक्शन समेत अन्य जरुरी दवाई मंगवाने का ऑर्डर दिया है, अभी तक दवाईयों की खेप नहीं पहुंची है। इसके अलावा रेमडेसिविर इंजेक्शनन की कालाबाजारी की सूचनाएं भी जहां-तहां से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, लेकिन विभाग का दावा है कि जिले में कालाबाजारी नहीं है। पुलिस आयुक्त ने पर ट्वीट किया है कि दवाई की कालाबाजारी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

बीके अस्पताल में जरुरी दवाइयों की कमी

बीके अस्पताल में जरुरी दवाईयों की कमी हो गई है। सरकारी दवाई स्टोर में जरुरी दवाई नहीं है। मरीजों का कहना है कि ऐसे में उनको स्वयं से अस्पताल के बाहर के मेडिकल स्टोर से नगद दवाई खरीदनी पड़ती हैं। अस्पताल में बीते कई महीने से आयरन और कैल्शियम जैसी दवाई नहीं है। सूत्रों के मुताबिक बीते दो दिन से कोरोना के लिए उपयोग किए जाने वाले इंजेक्शन रेमडेसिविर खत्म हैं। इसके अलावा बीपी के लिए दी जाने वाली दवाईयां भी नहीं है। अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता ने बताया कि फिलहाल फिल्हालरेमडेसिविर इंजेक्शन समेत कई दवाई नहीं है, सभी दवाई शनिवार तक गुरुग्राम से यहां पहुंच जाएंगी।

गंभीर रूप से बीमार लोगों को ही दिया जा सकता है रेमडेसिविर

जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस पूनिया ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन गंभीर रूप से बीमार संक्रमितों को ही दिया जा सकता है। जबकि हो यह रहा है कि पोजेटिव आते ही संक्रमित के परिजन रेमडेसिविर इंजेक्शन और प्लाज्मा के लिए दबाव बनाने लगते हैं।

कई डॉक्टर भी लिख देते हैं, ऐसे में इसकी मांग बढ़ जाती है। हमने अस्पतालों में गंभीर मरीजों के लिए स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। अभी तक किसी दवाई की कमी नहीं है।

इन दवाइयों की बढ़ी मांग, बाजार में नहीं उपलब्ध

दवाई विक्रेताओं के मुताबिक बाजार में रेमडेसिविर इंजेक्शन, आईवर वैक्टीन-12 एमजी, जिंक कोविड और विटीमिन सी और डी जैसी दवाईयों की मांग अधिक मांग है, लेकिन ये सभी दवाई बाजार में उपलब्ध नहीं है। बीते पांच दिन में सभी के पास पुराने स्टॉक खत्म हो चुके हैं। कंपनियों से दवाइयां नहीं आ रही है।

25 करोड़ रुपये की दवाई खरीदेंगी सरकार

राज्य सरकार ने आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर करीब 25 करेाड़ रुपये की जरुरी दवाई खरीदने के लिए निविदाएं जारी की है। दवाई खरीद का काम एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। कोरोना काल में प्रदेश भर के अस्पताल में विभिन्न जरुरी दवाओं की बेहद कमी है। कुछ दवाईयां बाजार में भी उपलब्ध नहीं है। इन जरुरी दवाईयों के साथ ब्लड जांच किट, सिरिंज, स्लाइड टेस्ट किट, सिट्रॉजिन सिरप, पैरासिटामॉल सिरप व दर्द आदि की दवाईयां खरीदी जाएगीं।

हमारे जिले में कुछ दवाईयों की कमी तो हो सकती हैं, लेकिन कालाबाजारी की अभी तक कोई सूचना नहीं है। ऐसी कोई शिकायत उनके पास नहीं है। ऐसी शिकायत पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

करण सिंह गोदारा, जिला ड्रग्स नियंत्रक

मेडिकल स्टोर संचालक प्रवीन मंगला का कहना है कि बीते पांच दिन में कोविड की दवाईयों की भारी मांग बढ़ी है, लेकिन रेडमेसिविर समेत कई दवाई बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। कंपनियों से स्टॉक नहीं आ रहा है। विटामिन सी टेबलेट की मांग भी बढ़ी है।

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