स्मार्ट सिटी में दंपति सरोगेसी से संतान सुख प्राप्त कर रहे
फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी में सरोगेसी अधिनियम से संतान सुख की राह और सुगम हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सात महिलाओं को सरोगेसी के लिए पंजीकृत किया है। अब निशुल्क सरोगेसी वैध है और स्वास्थ्य विभाग महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है। यह विकल्प उन महिलाओं के लिए है जो गर्भधारण में समस्याओं का सामना कर रही हैं।

फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में संतान सुख की राह अब पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई है। सरोगेसी अधिनियम संतान की चाह रखने वाले दंपतियों को नई उम्मीद मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सात महिलाओं को सरोगेसी के लिए पंजीकृत किया गया है, जिन्होंने सरोगेसी के माध्यम से गर्भ धारण किया है। यह महिलाएं जल्द ही मां बनने का सुख प्राप्त करेंगी। बता दें कि कई बार महिलाए अपने भविष्य को सवांरने की चाह में देरी से शादी कर रही है। उम्र के पड़ाव के बाद मां बनना काफी जटिल हो जाता है।इसके अलावा कई बार महिला के गर्भाशय में जन्मजात कमी होती है।
वही किसी बीमारी, सर्जरी अथवा दुर्घटना के कारण गर्भाशय हटाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में महिला स्वयं गर्भ धारण नहीं कर सकती। यदि महिला के अंडाणु स्वस्थ हो सकते हैं। तब वह सरोगेसी के माध्यम से संतान सुख प्राप्त कर सकती है। इसके अलावा कई महिलाओं में बार-बार गर्भपात होता है। ऐसी स्थिति में भी सरोगेसी की मदद ली जा सकती है। इसके अलावा हृदय रोग, किडनी की गंभीर बीमारी, कैंसर, शुगर या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों में गर्भधारण महिला के जीवन के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर गर्भ न धारण करने की सलाह देते हैं और सरोगेसी एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। सात महिलाओं ने कराया पंजीकरण वर्ष 2021 में सेरोगसी अधिनियम बनाया गया था और वर्ष 2023 में लागू किया गया। अब इसका सख्ती से पालन किया जा रहा है। सरोगेसी से संतान सुख प्राप्त करने वाली महिलाओं को पंजीकरण कराना आवश्यकता है। वहीं सरोगेसी करने वाले संस्थान का भी होना आवश्यक है। इसके तहत स्मार्ट सिटी में 25 एआरटी व सराेगेसी सेंटर हैं। जिले में अबतक सात महिलाओं ने सरोगेसी के माध्यम मां बनने का फैसला किया है। सरोगेसी अधिनियम का उद्देश्य वर्ष 2023 से निशुल्क सरोगेसी ही वैध है। सरोगेसी अधिनियम को नगद मुक्त बनाना ही मुख्य उद्देश्य है। इसका सख्ती से पालन करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार छापेमारी करती है। सरोगेसी के माध्यम से गर्भ धारण से पूर्व स्वास्थ्य विभाग के पास जाकर पंजीकरण कराना आवश्यक है। इसके बाद स्वास्थ्य विभगा की टीम नियमित रूप से संबंधित महिला के संपर्क रहती है। सरोगेसी के लिए सात महिलाएं पंजीकृत है और संबंधित अस्पताल का भी सरोगेसी के लिए पंजीकृत होना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनकी मॉनिटरिंग करती है। निशुल्क सरोगेसी ही वैध है। यदि कोई पैसे देकर सरोगेसी का सहारा लेता है तो वह दंडनीय अपराध है। -डॉ. एसएस दहिया, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी

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