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कला संस्कृति उत्सव से निखरेगी छात्रों की प्रतिभा

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर छात्रों में छिपी प्रतिभा को खोजने और देश-प्रदेश की लोककला संस्कृति से रू-ब-रू करवाने के उद्देश्य से प्रांत के सभी विद्यालयों में सोमवार से विभिन्न प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। सभी विद्यालयों को इसके दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

समग्र शिक्षा अभियान द्वारा इन प्रतियोगिताओं का आयोजन चार चरणों में होगा। प्रथम चरण 30 जुलाई से पांच अगस्त 2018 तक विद्यालयों में शुरू होगा। आयोजित कला उत्सव में छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। इन प्रतियोगिताओं में चित्रकारी, मूर्तिकला, शिल्पकला, सामूहिक लोकनृत्य, सामूहिक गीत, एकल गीत, संगीत और रंगमंच का आयोजन होगा। स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागी को ब्लॉक स्तर पर आयोजिल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का दिखाने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता ब्लॉक से स्तर से जिला और फिर राज्य स्तर पर संपन्न होगी।

प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और इसकी जीवंत विविधता की जागरूकता के लिए आयोजित कला उत्सव में कक्षा नौंवी, दसवीं, 11वीं और 12वीं के छात्र भाग ले सकेंगे। इसमें राजकीय विद्यालय, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय और निजी विद्यालयों के छात्र शिरकत करेंगे। इसके अलावा प्रतिभा खोज कला संस्कृति कार्यक्रम में छात्रों में छुपी प्रतिभाओं को निखारने के लिए कक्षा छठी, सातवीं व आठवीं के छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। वरिष्ठ शिक्षक रविंद्र मनचंदा बताते हैं कि भारतीय त्योहार उत्सव भारतीय समाज का परिदृश्य होते हैं। इन्हें सांस्कृतिक विरासत के तौर मनाया जाता है। प्रत्येक पर्व में महिलाएं परम्परागत भागीदारी करती हैं। कला उत्सव के मद्देनजर विद्यालय में तैयारी जोरों पर हैं। इस बार विद्यालय कुछ अलग करने के लिए प्रयासरत है। हरियाणा की लोकसंस्कृति का पर्व हरियाली तीज उत्सव विद्यालय में मनाया जाएगा। इसके लिए छात्राओं को लोकगीत और लोकनृत्य और झूला झलने जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका मिलेगा। हरियाली तीज प्रतियोगिता में मेहंदी प्रतियोगिता और हरियाणवली फैशन प्रतियोगिता भी आयोजित होंगी।

इन प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन

कला उत्सव में नौंवी से 12वीं तक के छात्र चित्रकारी, मूर्तिकला, शिल्पकला, सामूहिक लोकनृत्य, सामूहिक लोकगीत, संगीत, रंगमंच, भाषण, आदि प्रतियोगिताओं में अपनी प्रस्तुति देंगे। सभी की प्रस्तुतियां समूह में होगी। इसके लिए विभाग ने समूह में छात्रों की संख्या चार, आठ और 10 तय की है।

ई-प्रतियोगिताएं भी होंगी

छात्र ई-प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे। इस कला उत्सव में छात्र अपने ई-प्रोजेक्ट्स को डिजाइन करने के लिए स्मार्ट फोन का उपयोग कर सकते हैं। मोबाइल द्वारा कला रूप का इतिहास आदि विषयों पर प्रकाश डाल सकते हैं। ईप्रोजेक्ट में वह फोटो सेल्फियां, स्लाइड शो, वीडियो और ऑडियो क्लिप, ध्वनि ट्रैक व अपनी स्क्रिप्ट के द्वारा भी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं।

सतिंदरकौर, जिला शिक्षा अधिकारी: सोमवार से विद्यालयों में प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। इसके लिए उपमंडल शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम पर एक नजर

प्रतियोगिता तिथि

विद्यालय स्तर, 30 जुलाई से पांच अगस्त तक

उपमंडल स्तर 17 अगस्त से 30 अगस्त

जिला स्तर 01 सितंबर से 20 सितंबर

राज्य स्तरीय 18 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक आयोजित होगी

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  • Web Title: Students' talent from the art culture festival