Faridabad News: पीजी संचालकों को मोटा किराया देने के बाद भी छात्र सुविधाओं के लिए परेशान
Faridabad News: फरीदाबाद के स्मार्ट सिटी में रहने वाले छात्रों को मोटा किराया देने के बावजूद कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अकेले कमरे के लिए उन्हें 15 हजार रुपये तक का किराया देना पड़ता है और किराये में शामिल भोजन भी मनमुताबिक नहीं मिलता। सप्ताह में केवल एक दिन सफाई होती है, जिससे छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

Faridabad News: फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) में रहने वाले छात्रों को मोटा किराया देने के बावजूद कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली की तरह यहां भी एक कमरे में पांच से छह छात्रों को ठहराया जा रहा है। वहीं अकेले कमरा लेने पर छात्रों को 15 हजार रुपये तक प्रतिमाह किराया देना पड़ता है। पीजी संचालकों के अनुसार चार-पाँच छात्रों के एक साथ रहने पर प्रति छात्र करीब पाँच हजार रुपये मासिक किराया लिया जाता है। इसमें भोजन भी शामिल होता है। छात्रों का कहना है कि पीजी में रहने के लिए परिजनों की कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च करने के बावजूद उन्हें बेहतर सुविधाएं नहीं मिलतीं। पीजी के आरओ या वाटर कूलर से मिलने वाला पानी कितना शुद्ध है, इसकी भी कोई निश्चितता नहीं होती। ऐसे में कई छात्र प्रतिमाह दो से ढाई हजार रुपये खर्च कर बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। शहर में एनआईटी, सेक्टर-15, 16, 17, 21 और 45 सहित कई क्षेत्रों में घरों में पीजी संचालित किए जा रहे हैं। कई पीजी में कमरों की संख्या अधिक होने के कारण उनमें पर्याप्त धूप और हवा तक नहीं पहुंचती। छात्रों के अनुसार, ऐसे कमरों में सीलन की दुर्गंध रहती है, जिससे उन्हें परेशानी होती है。
भोजन भी मनमुताबिक नहीं
सेक्टर-15 स्थित एक पीजी में रहने वाले रोशन ने बताया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान से पढ़ाई कर रहे हैं। उनके कमरे में पांच अन्य छात्र भी रहते हैं। इसके लिए वह पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराया देते हैं। उनका कहना है कि किराये में भोजन शामिल होने के बावजूद खाना मनमुताबिक नहीं मिलता। कभी दाल में पानी अधिक होता है तो कभी सब्जी के आलू कच्चे रह जाते हैं। पीजी में केवल दोपहर और रात का भोजन दिया जाता है, जबकि सुबह का नाश्ता बाहर करना पड़ता है।
सप्ताह में एक दिन होती है सफाई
एक अन्य छात्र आशीष ने बताया कि उनके कमरे में चार छात्र रहते हैं। शौचालय की नियमित सफाई नहीं होती और सप्ताह में केवल एक दिन सफाई कर्मचारी आता है। उनका कहना है कि कमरों में पर्याप्त धूप नहीं पहुंचने के कारण मच्छरों की समस्या भी बनी रहती है। आशीष के अनुसार, इन दिनों कमरे में रहने वाले चारों रूममेट बीमार चल रहे हैं।


