
ग्राउंड रिपोर्ट: ‘आतंकी कलंक’ से छात्र और प्रोफेसर मर्माहत
ग्राउंड रिपोर्ट: ‘आतंकी कलंक’ से छात्र और प्रोफेसर मर्माहत-विश्वविद्यालय का आतंक से नाम जुड़ने से प्रोफेसर और छात्र परेशान फरीदाबाद। केशव भारद्वाज धौज स्थित अलफला यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक मर्माहत...
ग्राउंड रिपोर्ट: ‘आतंकी कलंक’ से छात्र और प्रोफेसर मर्माहत -विश्वविद्यालय का आतंक से नाम जुड़ने से प्रोफेसर और छात्र परेशान फरीदाबाद। केशव भारद्वाज धौज स्थित अलफला यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक मर्माहत हैं। छात्र और यहां पढ़ा रहे प्रोफेसर इस बात से ज्यादा परेशान हैंकि मीडिया में विश्वविद्यालय गलत वजहों से चर्चा में आ गया है। मीडिया में विश्वविद्यालय का नाम आतंक से जोड़ा जा रहा है। बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच दिल्ली धमाका और यहां के डॉक्टरों की गिरफ्तारी का मामला चर्चा का विषय बना हुआ था। दोपहर को यहां पढ़ाने वाले डॉक्टरों का समूह चर्चा कर रहा था कि यहां पर कुछ प्रोफसरों की वजह से विश्वविद्यालय का नाम चर्चा में आ गया है।
अब उन्हें यह भी बताने में संकोच हो रहा है कि वे अलफला यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए हैं। यहां कुछ प्रोफेसर अपने कुछ साथियों के बारे में चर्चा करते नजर आए कि वो जल्द ही यहां से नौकरी छोड़ने वाले हैं। वहीं कुछ लोगों के छुट्टी पर जाने के बारे में भी चर्चा कर रहे थे। कुछ का कहना था कि फलां-फलां अपनी छुटटी पर जाने वाले हैं। वहीं एक महिला प्रोफेसरके नौकरी छोड़नेके बारे में चर्चा कर रहे कि वो सिर्फ अब त्यागपत्र देने के लिए ही आएंगी। बुधवार दोपहर जब यूनिवर्सिटी ने इस घटना को लेकर अपना स्पष्टीकरण जारी किया तो यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तैरने लगा। इस खबर को भी प्रोफेसर पढ़ते हुए नजर आए। प्रोफेसर का कहनाथा कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन को यह काम पहले दिन ही कर देना चाहिए था। अब जब यूनिवर्सिटी की देश भर में बदनामी हो गई है तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन को याद आ रहा है कि मीडिया में इसका खंडन करना भी जरूरी है। वे इस दौरान मीडिया में यूनिवर्सिटी को लेकर दि गए टैग का नाम लेकर हंस रहे थे कि लैब में यहां छात्रों को पढ़ाने के लिए तो पूरे संसाधन हैं नहीं और लैब में बम बनाने की बातें की जा रही हैं। कुछ छात्र विश्वविद्यालय में चर्चा कर रहे थे कि इस घटना का उनके करियर पर भी फर्क पड़ेगा। अब उनको यह बताने में भी संकोच होगा कि वे अलफला यूनिवर्सिटी से चिकित्सा की पढ़ाई की है। उधर, स्थानीय इलाके के यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों का कहना था कि दो-तीन कश्मीरी डॉक्टर की वजह से हमारे इलाके की भी बदनामी हो गई है। यहां के लोग अब बाहरी लोगों को खतरे के रूप में देख रहे हैं। हमारे इलाके में कभी इस तरह की घटना सामने नहीं आई थी। अब यहां के लोग बाहरी लोगों को अपने कमरे किराए पर नहीं देंगे। बाहरी लोगों को यहां से खदेड़ा जाएगा। =================

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




