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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप

वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी बुधवार को यूनाइटेड फॉरम ऑफ बैंक यूनियन (यूबीएफयू) के आह्वान पर दो दिन की हड़ताल पर चले गए। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल से सरकारी बैंकों में काम काज पूरी तरह से ठप रहा। हड़ताल से औद्योगिक नगरी में करीब आठ हजार करोड़ रुपये का कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।

जिले में करीब 22 सरकारी बैंकों की करीब 182 बैंक शाखाओं के करीब 1500 कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से ग्राहकों को खासी दिक्कत हुई, लोग बैंक बंद देख मायूस होकर लौट गए। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल में सभी नौ यूनियनों के शामिल होने का दावा किया गया। स्थानीय स्तर पर वामपंथी दलों, ट्रेड यूनियनों और हरियाणा सर्वकर्मचारी संघ ने भी हड़ताल को समर्थन दिया। विभिन्न बैंकों के सामने हड़ताली बैंक कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नीलम बाटा मार्ग स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के सामने हरियाणा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन फरीदाबाद के जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किए गए धरना-प्रदर्शन में श्रमिक नेता बेचूगिरी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं, दो फीसदी वेतन बढ़ोतरी बैंक कर्मचारियों के साथ भद्दा मजाक है। सरकार की गलत नीतियों और व्यवहार से बैंकों में एनपीए बढ़ रहा है। ईश्वर सिंह ने बताया कि बैंकों की इस हड़ताल से फरीदाबाद जिले में करीब आठ हजार करोड़ रुपये का काम काज प्रभावित हुआ है। इसमें करीब 1500 करोड़ नगदी और करीब छह हजार करोड़ के अन्य लेने-देन प्रभावित होने की आशंका है।

फरीदाबाद के कारोबारी शहर होने के कारण दिनभर लोगों का बैंकों में आने जाने का सिलसिला जारी रहा। सरकारी बैंकों में कामकाज नहीं होने से सरकारी कामों पर भी असर पड़ा। ट्रेजरी से होने वाले काम नहीं हुए। हड़ताल को लेकर उद्यमी और व्यापारी खासे परेशान दिखे। बैंक कर्मचारी यूनियन के नेता ईश्वर सिंह, आरएस राघव, कृपाराम शर्मा, नंदलाल, अजय व भोले सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार को नवंबर 2017 से वेतनमान समझौता लागू करना था, जिसे केंद्र सरकार ने लागू नहीं किया, बल्कि वेतन में मात्र दो फीसदी की वृद्धि करके कर्मचारियों के साथ भद्दा मजाक किया है।

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तहसीलों में रजिस्ट्री नहीं हुई :

राज्य सरकार ने रजिस्ट्री करवाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी का पैसा भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं में जमा कराने के आदेश दिए हैं। हड़ताल से बुधवार को किसी रजिस्ट्री के लिए कोई पैसा जमा नहीं हुआ। इसके चलते बुधवार को नई रजिस्ट्री नहीं हुई। जिन लोगों ने मंगलवार को स्टांप ड्यूटी बैंक में जमा कराई थी, उन्हीं की रजिस्ट्री बुधवार को की गई। गुरुवार को तहसीलों में इसका असर अधिक होने की आशंका है। इससे जिले में करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व का काम प्रभावित होने की आशंका है। तहसीलदार सुशील शर्मा के मुताबिक बुधवार को रजिस्ट्री करवाने वालों की भीड़ काफी कम रही।

औद्योगिक कारोबार पर असर :

फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नवदीप चावला के मुताबिक कारोबार के लिए बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ होना आवश्यक है। बैंकों में चेक क्लीयर नहीं होंगे। इसका सीधा असर कामकाज पर पड़ेगा। लेन-देन में दो दिन समस्या रहेगी। अब उधार का कामकाज लगभग बंद हैं। ऐसे में बैंकों की जरूरत हर समय रहती है।

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प्रतिक्रिया

चंदभान गुप्ता: तहसील में रजिस्ट्री करानी थी, बैंकों की हड़ताल के कारण पैसा जमा नहीं हो सका। अब सोमवार को कराएंगे। स्टांप ड्यूटी के पैसे एसबीआई में जमा होते हैं।

बलदेवराय: सिंडिकेट बैंक में मेरा खाता है। घर में मरम्मत के लिए मजदूर काम कर रहे हैं, मुझे श्रमिकों का भुगतान करना था। बैंक गया तो देखा हड़ताल है, वापस जा रहा हूं।

हरीश कुमार: विजया बैंक में खाता है। एफडी तुड़वानी थी, बच्चों की छुट्टी पड़ गई है। गुरुवार को गांव उत्तराखंड जाना था। पैसे नहीं मिलने के कारण अब दो दिन बाद जाएंगे।

गुलशन शर्मा: किसी को भुगतान करना था। बैंक में हड़ताल के कारण पैसे नहीं निकाल सके। एटीएम से 10-20 हजार रुपये ही निकलते हैं। अधिक पेंमेंट चाहिए थे।

पूनम कपूर: पैसे जमा कराने थे, यहां बैंक बंद हैं। हड़ताल का सरकार को कुछ करना चाहिए। पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से लोग परेशान थे, अब बैंक वाले भी हड़ताल पर है।

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  • Web Title: Stopping work from bank employees strike