DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं के प्रति श्रद्धा बढ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में की गई अपील श्रद्धालुओं को पंसद आई है। उन्होंने श्रीगणेशोत्सव के लिए पर्यावरण अनुकूल मूर्तियों को खरीदने का मन बनाया है। कई संगठनों ने बाहर से भी पर्यावरण अनुकूलित प्रतिमाएं ही मंगवाई हैं। कागज, मिट्टी और फिटकरी से बनी इन प्रतिमाओं को जैविक रंगों से सजाया गया है। आम तौर पर बाजार में मिलने वाली श्रीगणेश प्रतिमाएं प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी होती हैं। ये मूर्तियां दिखने में बहुत आकर्षक होती हैं, लेकिन ये प्रतिमाएं विसर्जन के समय यमुना जल को दूषित करती हैं। इसी का जिक्र प्रधानमंत्री ने बीते दिनों अपने मन की बात रेडियो कार्यक्रम में किया था। पर्यावरणविद् प्रोफेसर बीना सेठी बताती हैं कि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों में कई प्रकार के रसायन होते हैं जो पानी को जहरीला बनाते हैं। यह पानी जलीय जीवों की मृत्यु का कारण बन सकता है। इतना ही नहीं, यह दूषित पानी मनुष्य के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। जबकि कागज और मिट्टी से बनी प्रतिमाएं पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। महाराष्ट्र मंडल के महासचिव संदीप राव ने बताया कि दस दिवसीय श्रीगणेशोत्सव 25 अगस्त से शुरू होगा। इसके लिए इको-फ्रेंडली प्रतिमा मध्य प्रदेश के बुराहनपुर से मंगवाई गई है। प्रतिमा का विसर्जन तीन सितंबर को होगा। उन्होंने कहा कि संगठन के लोगों ने महाराष्ट्र के लोगों को इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं अपनाने के लिए जागरूक भी किया है। मिलिंद कारखानीस ने बताया कि श्रीगणेशोत्सव 25 अगस्त से शुरू होगा। कुछ लोग तीन, तो कुछ पांच दिन या नौ दिन का गणेशोत्सव मनाएंगे। जबकि दस दिवसीय श्रीगणेशोत्सव एनएच-एक स्थित गीता मंदिर में आयोजित किया जाएगा। कागज मिट्टी और फिटकरी से बनी प्रतिमाएं : प्रतिमाएं बनाने वाले राजू ने बताते हैं कि इस बार लोग ईको-फ्रेंडली प्रतिमाएं पसंद कर रहे हैं। कागज-मिट्टी के साथ पिटकरी से प्रतिमाएं तैयार की हैं। ऐसी प्रतिमाओं को पानी में विसर्जित करने से कोई नुकसान नहीं होता। यह पानी में तेजी से घुल भी जाती है। इस प्रतिमाओं को खाद्य एंव जैविक रंगों से सजाया गया है। इनकी कीमत प्रतिमा के मुताबिक 100 रुपये से 5000 रुपये तक है। शहर के अलग-अलग इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग-दो स्थित अजरौंदा चौक, बल्लभगढ़, एनएच-पांच, पुराना फरीदाबाद बाईपास मार्ग, सेक्टर-37 में श्रीगणेश प्रतिमाएं आसानी से मिल सकती हैं। प्रतिक्रिया: संदीप राव: हमने इको फ्रेंडली प्रतिमा ही मंगवाई हैं। जिसे खाद्य एवं जैविक रंगों से सजाया जाएगा। हमने शहर में महाराष्ट्र के सभी परिवारों को इसके लिए जागरूक किया है। मुक्ता: मैंने तय किया है कि ईको-फ्रेंडली प्रतिमा ही घर लाएंगे। सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेवारी उठानी चाहिए। दिल्ली में यमुना जल पहले ही बहुत गंदा है। --------- श्रीगणेशोत्सव के कार्यक्रम गीत-संगीत प्रतियोगिता : शास्त्रीय गायन और पश्चिमी गायन, गिटार, हारमोनियम, ड्रम, ढोलक, तबला, 25 अगस्त: गीता मंदिर भगवान श्रीगणेश प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 26 अगस्त: ननि सभागार हास्य नाट्क 27 अगस्त: गीता मंदिर निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर 28 अगस्त: प्रेरणाधाम सुगम संगीत 29 अगस्त: गीता मंदिर सुंदरकांड का पाठ 30 अगस्त: गीता मंदिर मराठी संगीत संध्या 31 अगस्त: गीता मंदिर सत्यनारायण पूजा 01 सितंबर: गीता मंदिर अंजलि वैद्य द्वारा संकीर्तन 02 सितंबर: ननि सभागार लावणी नृत्य संध्या 03 सितंबर: शिवमंदिर महाप्रसाद एवं विसर्जन

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: Sri Ganeshotsav aims to buy environment friendly idols