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22 जनवरी, 2021|3:10|IST

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विरोध से दुकानों की नहीं हो पाई नीलामी

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गांव छांयसा में पंचायती जमीन पर बनी दुकानों की नीलामी करने गए खंड कार्यालय के दस्ते को सोमवार को उस समय बैरंग लौटना पड़ा जब वहां कब्जेदारों ने विरोध करना शुरू कर दिया। अब दोबारा से बोली लगाई जाएगी।

गांव छांयसा पंचायत ने पंचायती जमीन पर 31 दुकानें बनाई हुई हैं। इन दुकानों को हर वर्ष पट्टे पर पंचायत द्वारा छोड़ा जाता है। पट्टे के रूप मिलने वाली राशि को गांव में पंचायत विकास कार्यों पर खर्च करती है। दुकानों को पट्टे पर छोड़ने के लिए खंड कार्यालय से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। पंचायत कई बार किराया 10-15 फीसदी राशि बढ़ा कर उन्हीं दुकानदारों के नाम पट्टा छोड़ देती है, जो पहले से इन दुकानों में अपना व्यवसाय कर रहे हैं। इस बार पंचायत ने दुकानों की मरम्मत का काम किया है। अब पंचायत चाहती है कि दुकानों की खुले में नीलामी की जाए। इसलिए पंचायत ने दुकानों को पट्टे पर छोड़ने के लिए 28 दिसंबर को खुली बोली लगाकर नीलामी की तारीख तय की थी। निर्धारित तारीख के अनुसार दुकानों को पट्टे पर छोड़ने के लिए गए थे। वहां पर दुकानों में पहले से ही बैठे दुकानदारों ने दुकानों की खुली नीलामी का विरोध किया। उनके विरोध के चलते दुकानों को पट्टे पर नहीं छोड़ा जा सका। दस्ते के कर्मचारी वापस लौट आए।

अब दुकानों की खुली नीलामी की तारीख फिर से तय की जाएगी। इस बार खंड कार्यालय में दुकानों को पट्टे पर छोड़ा जाएगा।

-प्रदीप कुमार, बीडीपीओ

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  • Web Title:Shops could not be auctioned due to protest