Hindi NewsNcr NewsFaridabad NewsSevere Air Pollution in Faridabad AQI Hits 305 Due to Stubble Burning and Fireworks
चिंताजनक : बल्लभगढ़ की हवा सबसे खराब, एक्यूआई 300 पार

चिंताजनक : बल्लभगढ़ की हवा सबसे खराब, एक्यूआई 300 पार

संक्षेप: फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में हवा दीवाली से पहले जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, यहां एक्यूआई 305 दर्ज किया गया है। पराली जलाने और दीवाली की रात पटाखे जलने से हवा और भी खराब हो...

Sun, 19 Oct 2025 11:22 PMNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद। बल्लभगढ़ की हवा दीवाली से पूर्व जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक रविवार को बल्लभगढ़ में एक्यूआई 305 दर्ज किया गया। प्रदूषण का यह स्तर बेहद खराब श्रेणी में आता है। इसकी मुख्य वजह से बल्लभगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों के खेतों में पराली में आग लगाया जा रहा है। वहीं, दीवाली की रात पटाखे जलने से अगले दिन बल्लभगढ़ की हवा और अधिक जहरीली हो सकती है। बल्लभगढ़ क्षेत्र में कई दिनों से प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में चल रहा था। एक सप्ताह से बल्लभगढ का एक्यूआई 250 से 296 के बीच चल रहा था।

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रविवार को अवकाश वाले दिन अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। बल्लभगढ़ की दूषित हवा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। यह प्रदूषण जिला प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिाकरियों की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। आतिशबाजी से परेशानी और बढ़ेगी इस बार सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों को जलाने की अनुमति दी है। ग्रीन पटाखों की आड़ में जहरीला धुआं छोड़ने वाले भी जलाए जाएंगे। इससे बल्लभगढ़ सहित फरीदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों की हवा और भी अधिक जहरीली होने की आशंका है। बता दें कि पटाखों के धुएं में सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड शामिल हैं। इसके अलावा, इनसे भारी धातुएं जैसे कैडमियम, लेड, कॉपर, मैग्नीशियम और बेरियम भी निकलती हैं। यह सभी हानिकारक पदार्थ मिलकर वायु प्रदूषण फैलाते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। गांव डीग में जलाई जा रही थी पराली धान की फसल काटी जा चुकी है और अब उसके अवशेषों को जलाया जा रहा है। रविवार को बल्लभगढ़ उपमंडल के गांव डीग में खेतों से धुआं उठता दिखाई दे रहा था। यह हवा को जहरीला बना रहा था। पराली जलाने पर प्रतिबंध लगने के बाद भी लापरवाही बरती जा रही। एनआईटी क्षेत्र की भी स्थिति बिगड़ती जा रही बल्लभगढ़ के बाद एनआईटी क्षेत्र में एक्यूआई अधिक रहा। रविवार को यहां एक्यूआई 131 दर्ज किया गया। इसके बाद सेक्टर-30 में एक्यूआई 120 रहा। दीवाली के बाद इन क्षेत्रों का भी एक्यूआई गंभीर स्थिति में पहुंच सकता है। इन क्षेत्रों का एक्यूआई प्रतिदिन एक-दो पॉइंट बढ़ रहा। हालांकि, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि वह प्रदूषण नियंत्रण के लिए हर जगहों पर नजर बनाए हुए हैं।