गैस महंगी होने से खाद्य पदार्थों के दाम दोगुना बढ़े

Newswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद में ईरान-अमेरिका तनाव के कारण आम आदमी की रसोई और जेब पर प्रभाव पड़ा है। गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि से चाय, पराठा, छोले-भटूरे और फास्ट फूड के दाम 20 से 40 रुपये बढ़ गए हैं। रेडीमेड गारमेंट बाजार में भी कपड़ों के दाम 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। घरेलू राशन पर भी महंगाई का असर पड़ा है।

गैस महंगी होने से खाद्य पदार्थों के दाम दोगुना बढ़े

फरीदाबाद,धनंजय चौहान। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका युद्ध के असर ने आम आदमी की रसोई और जेब दोनों पर असर डालना शुरू कर दिया है। व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से चाय से लेकर पराठा, छोले-भटूरे और अन्य फास्ट फूड आइटम के दाम 20 रुपये से लेकर 40 रुपये बढ़ गए, जिससे लोग काफी परेशान है। शहर के एनआईटी, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-15, तिकोना पार्क, बाटा चौक और बस अड्डा क्षेत्र में कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर नई रेट लिस्ट लगा दी है। दुकानों पर एक महीने पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 20 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं 30 रुपये की मैगी अब 50 रुपये में मिल रही है। ऑमलेट, ब्रेड-पकौड़ा और सैंडविच के दामों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। कुछ दुकानों पर छोले-भटूरे की प्लेट 40 रुपये से बढ़कर 70 रुपये तक पहुंच गई है। दुकानदारों ने बताया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा खाने का तेल, आटा, दाल, मसाले, दूध, पनीर और सब्जियों की कीमतों में भी तेजी आई है। ऐसे में पुराने रेट पर सामान बेचना अब संभव नहीं रह गया है。

महंगाई के कारण चाय और फास्ट फूड के दाम बढ़े

एनआईटी एक नंबर मार्केट में फास्ट फूड की दुकान चलाने वाले दुकानदार राजेश कुमार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में लागत काफी बढ़ गई है। पहले जो व्यावसायिक सिलेंडर1500 से 1700 रुपये का मिल जाता था, अब वह 3000 का हो गया है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि ग्राहक जरूर नाराज होते हैं, लेकिन मजबूरी में रेट बढ़ाने पड़े हैं। इसी तरह बाटा चौक पर चाय की रेहड़ी लगाने वाले सुनील ने बताया कि दूध, चीनी और गैस तीनों महंगे हो चुके हैं। पहले जहां रोजाना की बचत अच्छी हो जाती थी, अब कमाई का बड़ा हिस्सा खर्चों में निकल जाता है। यदि दाम नहीं बढ़ाए जाएं तो दुकान चलाना मुश्किल हो जाएगा।

रेडीमेड गारमेंट बाजार में 25 फीसदी का उछाल

शहर में महंगाई का असर केवल खानपान तक सीमित नहीं है। रेडीमेड गारमेंट बाजार में भी कपड़ों के दामों में उछाल देखने को मिल रहा है। व्यापारियों के अनुसार कपड़ा, धागा, रंगाई, बिजली और ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रेडीमेड कपड़ों के रेट 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। बच्चों के कपड़े, जींस, शर्ट, टी-शर्ट और महिलाओं के सूट पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। ओल्ड फरीदाबाद के कपड़ा व्यापारी गोविंद गर्ग ने बताया कि बाहर से आने वाले माल का किराया बढ़ गया है। फैक्ट्रियों में उत्पादन लागत बढ़ने के कारण थोक बाजार में भी दाम बढ़े हैं। इसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है।

घरेलू राशन पर भी महंगाई की मार

घरेलू राशन पर भी महंगाई की मार साफ दिखाई दे रही है। आटा, दाल, चावल, सरसों तेल, मसाले और सब्जियों के दाम लगातार बढ़ने से गृहिणियों का बजट गड़बड़ा गया है। सेक्टर-7 निवासी सीमा शर्मा ने बताया कि पहले महीने भर का राशन 5 से साढे 5 हजार रुपये में आ जाता था, लेकिन अब हर महीने खर्च बढ़कर 10 से 11 हजार रुपये पहुंच गया है। बाहर खाना भी महंगा हो चुका है, इसलिए परिवार ने होटल और फास्ट फूड पर खर्च कम कर दिया है। लोगों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई, बिजली बिल, किराया और रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़े हुए हैं। अब खानपान और कपड़ों की बढ़ती कीमतों ने परेशानी और बढ़ा दी है। वहीं नौकरीपेशा लोगों के लिए घर चलाना कठिन होता जा रहा है।

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FAQs

फरीदाबाद में खाद्य पदार्थों के दामों में कितनी वृद्धि हुई है?
खाद्य पदार्थों के दाम 20 रुपये से लेकर 40 रुपये बढ़ गए हैं।
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