
बल्लभगढ़ में रानी की छतरी का शुरू हुआ जीर्णोद्धार
संक्षेप: बल्लभगढ़ में ऐतिहासिक धरोहर रानी की छतरी का जीर्णोद्धार फिर से शुरू किया गया है। एचआरडीसी विभाग ने छतरी को सुंदर बनाने के लिए एक करोड़ रुपये का काम शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि 9 माह में...
बल्लभगढ़। ऐतिहासिक धरोहर रानी की छतरी का जीर्णोद्धार एक बार फिर शुरू किया गया है। जीर्णोद्धार की जिम्मेवारी एचआरडीसी विभाग को सौंपी गई हैं। जिसने छतरी को और अधिक सुदंर बनाने के लिए करीब एक करोड़ रुपये का काम शुरू करा दिया है। अधिकारियों की माने तो करीब 9 माह में छतरी के विकास काम पूरा तरह करा दिया जाएगा। बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह की रानी के स्नान और पूजा के लिए बनाई गई रानी की छतरी एक अदभुत वास्तुकला का एक नमूना है। बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल और राष्ट्रीय राजमार्ग के पास छतरी और शाही तालाब के विकास पर फरीदाबाद नगर निगम द्वारा करीब डेढ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

जिसमें छतरी को उसके रूप में तराशा गया और शाही तालाब को भी अच्छा बनाया गया। इसके अलावा तालाब के चारों ओर स्टील की ग्रील आदि भी लगाई गई। यह काम नहीं किया था ठीक रानी की छतरी की फ्लोरिंग ठीक नहीं है। इसके अलावा छतरी का प्लास्टर भी काफी जगह से टूट रहा है। इसके अलावा शाही तालाब व छतरी के आसपास के हिस्सा आज तक भी ठीक नहीं है। यह काम नया होगा एचआरडीसी के अधिकारियों की माने तो रानी की छतरी में फ्लोरिंग का काम किया जाना है। जिसमें राजस्थान कोटा का लाल पत्थर लगाया जाएगा। जिसे लगाने के लिए राजस्थान के कारीगरों को बुलाया जाएगा। इसके अलावा छतरी में जहां भी टूट फुट होगी उसे भी ठीक किया जाएगा। इसके अलावा शाही तालाब व रानी की छतरी के आसपास के एरिया को भी ठीक कराया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि छतरी व शाही तालाब में किसी प्रकार की कमी को नहीं रहने दिया जाएगा। वास्तुकला की बेमिसाल नमूना रानी की छतरी एक बारादरी शैली की संरचना है। जो ऊंचे चबूतरे पर स्थित है और चारों ओर स्तंभों से घिरी हुई है। इसका निर्माण चौकोर आधार पर किया गया है। इसकी डिजाइन में इंडो-इस्लामिक और राजपूत वास्तुकला का समावेश देखने को मिलता है। अंदर झरोखे, मेहराब और गुंबद इसके भव्यता प्रदान करते हैं।कोनों पर अष्टकोणीय बुज और छत पर छोटी-छोटी छतरियां इसकी सुंदरता को और बढ़ाती है। ऐतिहासिक धरोहर को बचाया 1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजों ने राजा नाहर सिंह को फांसी दी और बल्लभगढ़ के तमाम ऐतिहासिक स्थलों पर कब्जा कर लिया। समय के साथ रानी की छतरी भी खराब हालात में पहुंच गई थी। किन्तू मौजूदा विधायक मूलचंद शर्मा व इंटक के प्रयास से इस ऐतिहासिक घरोहर को बचाकर संवारा गया। आदित्य देशवाल, डीजीएम, एचआरडीसी : रानी की छतरी का जीर्णोद्धार का काम शुरू करा दिया गया है। जिस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिसमें फ्लोरिंग सहित सभी प्रकार के जरूरी काम कराए जाएंगे। छतरी और तालाब को और अधिक सुंदर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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