बड़खल गांव में सड़कों का काम चार महीने बाद भी शुरू नहीं

बड़खल गांव में सड़कों का काम चार महीने बाद भी शुरू नहीं

संक्षेप:

फरीदाबाद के ऐतिहासिक गांव बड़खल में, शिलान्यास के चार महीने बाद भी सड़कों और गलियों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीण टूटी सड़कों और गंदगी से परेशान हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री ने 2 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया था, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

Dec 10, 2025 11:03 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
share

फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। ऐतिहासिक गांव बड़खल में शिलान्यास के चार महीने बाद भी सड़कों और गलियों का निर्माण कार्य काम शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीण टूटी सड़कों और गंदगी से परेशान हैं। लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला रहा है। गौरतलब है कि बड़खल गांव की सड़कों और गलियों के निर्माण का शिलान्यास चार अगस्त को केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने किया था। मेयर प्रवीण जोशी और विधायक धनेश अदलक्खा भी मौजूद थे। उस समय ग्रामीणों से वादा किया गया था कि काम जल्द शुरू होगा। लेकिन आज चार महीने बीतने के बाद भी हालात नहीं बदले।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

टूटी सड़कें, उफनती नालियां और गंदगी रोजमर्रा की समस्या बन चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नेताओं ने आश्वासन दे दिए, लेकिन अब तक न ठेकेदार आया और न मशीन लगी। ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी जाकिर, बिजेंद्र आदि ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मिल चुके हैं। हर बार जवाब मिलता है कि जल्द काम शुरू होगा, पर जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा। लोगों का कहना है कि गांव शहर की पहचान है, लेकिन हालात देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। सीवर लाइन, नालियां और सड़कें सभी बदहाल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास की बातें सिर्फ फाइलों और कागजों में चल रही हैं, जबकि गांव की हालत दिन-ब-दिन खराब हो रही है। लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। दो करोड़ की लागत से होंगे विकास कार्य केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने चार अगस्त को 2 करोड़ 18 लाख रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इनमें गलियों का निर्माण, नालों की ऊंचाई बढ़ाना, एम-40 ग्रेड इंटरलॉकिंग टाइलें और बड़खल मुख्य द्वार तक आरएमसी टाइलें लगाने का काम शामिल था। मंत्री ने वादा किया था कि बड़खल को आदर्श क्षेत्र बनाया जाएगा। लेकिन शिलान्यास के चार महीने बाद भी एक इंच काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि योजना केवल कागजों पर आगे बढ़ी, जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हुआ। लोग इसे सिर्फ दिखावा बताते हैं। टूटी सड़कें, बंद नालियां और गंदगी से बिगड़े हालात गांव में मुख्य सड़कें और गलियां बेहद खराब स्थिति में हैं। जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। नालियों की ऊंचाई कम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। कीचड़, बदबू और मच्छरों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई नालियां महीनों से बंद पड़ी हैं। सफाई भी समय पर नहीं हो रही। बुजुर्ग और बच्चे इस गंदगी से सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ जाएंगे। सीवर लाइन अधूरी, पानी खुले में बह रहा लोगों का कहना है कि गांव में सीवर लाइन तो डाल दी गई है, लेकिन उसका कनेक्शन अब तक सक्रिय नहीं किया गया। न टेस्टिंग हुई, न निरीक्षण। नतीजतन सीवर का पानी कई जगह खुले में बह रहा है। गलियों में गंदगी के ढेर लगे हैं। ग्रामीणों को डर है कि इससे बीमारी फैल सकती है। लोगों ने बताया कि सीवर लाइन डाले महीनों हो गए, लेकिन कोई कर्मचारी यह देखने नहीं आया कि सिस्टम चालू भी हुआ या नहीं। इन हालात से ग्रामीणों में भारी रोष है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले में कार्यकारी अभियंता का पक्ष जानने के लिए उनको फोन किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। हालांकि जूनियर इंजीनियर ने बताया कि जिस ठेकेदार को काम दिया गया है, उनको जल्द काम शुरू करने के लिए कहा गया है।