Faridabad News: विधानसभा में गूंजेगा फरीदाबाद-गुरुग्राम टोल का मुद्दा

हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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Faridabad News: फरीदाबाद और गुड़गाँव में टोल वसूली के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नूंह के विधायक आफताब अहमद ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए टोल हटाने की मांग की है। पंचायत में यह निर्णय लिया गया कि आंदोलन को गांव स्तर तक फैलाया जाएगा।

Faridabad News: विधानसभा में गूंजेगा फरीदाबाद-गुरुग्राम टोल का मुद्दा

Faridabad News: फरीदाबाद/नूंह, सरसमल। फरीदाबाद-गुरुग्राम और बल्लभगढ़-सोहना मार्ग पर टोल वसूली के विरोध में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। यह मामला अब विधानसभा तक पहुंचेगा। रविवार को बंधवाड़ी टोल पर हुई टोल संघर्ष समिति की पंचायत में नूंह के विधायक आफताब अहमद ने आगामी विधानसभा सत्र में यह मुद्दा उठाने का ऐलान किया। पंचायत में फरीदाबाद, गुरुग्राम और नूंह के ग्रामीणों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए टोल हटाने की मांग तेज करने का फैसला लिया। पंचायत में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बलजीत कौशिक भी पहुंचे। बंधवाड़ी टोल पर तीन जिलों के लोगों का शक्ति प्रदर्शन

पंचायत में उपस्थित लोग

बलजीत कौशिक के मुताबिक बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर आयोजित टोल संघर्ष समिति की पंचायत में फरीदाबाद, गुरुग्राम और नूंह जिले के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जहां वक्ताओं ने कहा कि जनता पिछले कई वर्षों से टोल का भुगतान कर रही है और सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद टोल समाप्त कर दिया जाएगा। फरीदाबाद के लोगों का कहना था कि समय सीमा बीतने के बावजूद टोल वसूली जारी रखना जनता के साथ अन्याय है।

विधायक आफताब अहमद ने सरकार को घेरा

नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक टोल का मुद्दा नहीं बल्कि लाखों लोगों के हितों से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में पहले भी यह सवाल उठाया गया था। उस समय सरकार की ओर से मई 2026 तक टोल समाप्त करने की बात कही गई थी। विधायक ने आरोप लगाया कि अब सरकार अपने ही जवाब से पीछे हटती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता को भरोसा दिलाया गया था कि अवधि पूरी होने के बाद राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आफताब अहमद ने कहा कि अगस्त में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में वह इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के साथ किए गए वादे पूरे होने चाहिए और टोल वसूली को लेकर स्पष्ट नीति सामने आनी चाहिए।

आर्थिक बोझ की बढ़ती समस्या

ग्रामीणों का कहना है कि करीब 66 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग पर चार टोल प्लाजा संचालित किए जा रहे हैं। गुरुग्राम-फरीदाबाद मार्ग पर बंधवाड़ी और क्रेशर जोन टोल हैं, जबकि बल्लभगढ़-सोहना मार्ग पर पाखल और नुनेरा टोल प्लाजा स्थित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना हजारों लोग नौकरी, व्यापार, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए इन मार्गों का उपयोग करते हैं। ऐसे में एक ही दिन में कई बार टोल शुल्क देना पड़ता है।

बदहाल सड़कें

धौज के पूर्व सरपंच इरशाद, टिकरी खेड़ा के सरपंच नासिर, स्थानीय निवासी जुम्मा और मास्टर जाकिर ने कहा कि टोल वसूली का सबसे बड़ा तर्क सड़क और सुविधाओं का रखरखाव बताया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्होंने कहा कि खोरी, जमालपुर, धौज और आसपास के कई हिस्सों में सड़क की हालत खराब बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढे हैं और कई स्थानों पर सड़क टूट चुकी है। कई बार संबंधित विभाग को शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।

संघर्ष समितियों का गठन

गांव-गांव बनाई जाएंगी संघर्ष समितियां

फरीदाबाद के लोगों ने बताया कि पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि टोल विरोधी अभियान को गांव स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए फरीदाबाद जिले के विभिन्न गांवों में समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों का काम ग्रामीणों को टोल की स्थिति और आंदोलन की रणनीति से अवगत कराना होगा। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि गांवों में छोटी-छोटी बैठकें आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद बड़े स्तर पर पंचायतें और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि आम जनता का आंदोलन है। लोगों ने विश्वास जताया कि यदि सभी प्रभावित गांव एकजुट हुए तो सरकार पर टोल हटाने के लिए दबाव बढ़ेगा और जनता की मांग को अनदेखा करना आसान नहीं होगा।

टोल का इतिहास

15 साल पहले शुरू हुआ था टोल

गौरतलब है कि गुरुग्राम-फरीदाबाद और बल्लभगढ़-सोहना सड़क परियोजना पर 15 साल से टोल वसूली शुरू हुई थी। यह परियोजना बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल के तहत बनाई गई थी। गुरुग्राम-फरीदाबाद, बल्लभगढ-सोहना टोल प्लाजा से रोजाना एक लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी 14 दिसंबर 2023 को प्रदेश के आठ टोल प्लाजा चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की घोषणा की थी। इनमें बंधवाड़ी, क्रेशर जोन, पाखल और नुनेरा टोल भी शामिल थे। कुछ टोल बंद किए जा चुके हैं, लेकिन गुरुग्राम-फरीदाबाद और बल्लभगढ़-सोहना मार्ग के टोल अब भी जारी हैं, जिससे लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरीदाबाद में टोल वसूली के खिलाफ लोग क्यों विरोध कर रहे हैं?
लोगों का कहना है कि सरकार ने वादा किया था कि टोल की अवधि समाप्त होने के बाद वसूली बंद कर दी जाएगी, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ।
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