पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों के विरोध में माकपा का प्रदर्शन
फरीदाबाद में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ने ईंधन और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मूल्य वृद्धि वापस लेने की मांग की। पार्टी ने तोड़फोड़ रोकने और शहर की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने की भी अपील की।

फरीदाबाद, सरसमल। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मूल्य वृद्धि वापस लेने की मांग की गई। पार्टी ने नेहरू कॉलोनी में चल रही तोड़फोड़ पर रोक लगाने की भी मांग उठाई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पार्टी कार्यकर्ता सेक्टर-12 स्थित राजस्थान भवन के सामने एकत्रित हुए। यहां केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने ईंधन और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को कम करने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए माकपा की सांगठनिक समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से परिवहन लागत बढ़ी है, जिसका असर रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर दिखाई दे रहा है। रसोई गैस महंगी होने से गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट प्रभावित हुआ है। डंगवाल ने शहर की मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में बिजली कटौती, पेयजल संकट, जाम और जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 40 वर्ष पुरानी नेहरू कॉलोनी में प्रशासन द्वारा मकानों को तोड़ा जा रहा है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
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