Faridabad News: करंट से दो मजदूरों की मौत पर शव रखकर सड़क जाम की
Faridabad News: फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। सेक्टर-14 में सीवर लाइन की खुदाई के दौरान करंट लगने से

Faridabad News: फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। सेक्टर-14 में सीवर लाइन की खुदाई के दौरान करंट लगने से दो मजदूरों की मौत के मामले में मृतक मजदूरों में से एक के परिजनों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सेक्टर-तीन के सामने डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। लोग मृतक के परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे। अचानक हुए इस प्रदर्शन से शनिवार दोपहर को सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों के विरोध से करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए।
हादसे का विवरण
गुरुवार को सेक्टर-14 स्थित एक मकान के बाहर सीवर कनेक्शन के लिए लाइन की खुदाई का कार्य चल रहा था। इस दौरान पांच मजदूर काम कर रहे थे। काम के दौरान करंट की चपेट में आने से सेक्टर-दो निवासी मनीष चौधरी और सेक्टर-तीन निवासी शहंशाह की मौत हो गई थी। हादसे के बाद से ही मृतकों के परिजन मकान मालिक को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम भी करवा दिया था, लेकिन परिवार के सभी लोग मौजूद न होने के कारण शुक्रवार को अंतिम संस्कार नहीं हाे सका था। शनिवार को मृतकों के परिजन बीके से शव ले गए, लेकिन उनमें से एक शहंशाह के परिजनों ने सेक्टर-तीन के सामने एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया था। शव रखते ही देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम की सूचना मिलते ही सेक्टर-तीन पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद सेक्टर-14 पुलिस चौकी प्रभारी भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया तथा उचित कानूनी कार्रवाई और मामले में समाधान का भरोसा दिलाया। पुलिस के काफी समझाने के बाद परिजन शव को सड़क से हटाने के लिए तैयार हुए, जिसके बाद पुलिस ने यातायात सामान्य कराया। करीब आधे घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण सर्विस रोड पर यातायात प्रभावित रहा। सेक्टर-14 पुलिस चौकी प्रभारी मोहम्मद जमशेद ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जहां तक 10 लाख रुपये की मदद की बात है तो मृतक के परिजनों और मकान मालिक के बीच कोई बातचीत हुई होगी। इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।
मकान मालिक का आश्वासन
मकान मालिक ने दिया था 10-10 लाख रुपये की मदद का आश्वासन: मृतक शहंशाह के परिजनों ने आरोप लगाया कि
हादसे के बाद मकान मालिक ने पोस्टमार्टम के उपरांत दोनों मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे वे शनिवार सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मकान मालिक का इंतजार करते रहे, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा और न ही किसी तरह की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। जब उन्हें कोई समाधान नहीं मिला तो मजबूरी में उन्होंने सेक्टर-तीन के सामने डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करनापड़ा।
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