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पोस्टमार्टम से इंजीनियर गौरव शर्मा की मौत के कारण नहीं हो सके स्पष्ट

गांव मांदकौल निवासी 25 वर्षीय मैकेनिकल इंजिनियर गौरव शर्मा के शव का नूंह मेडिकल कालेज में रविवार को दोबारा हुए पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। एफएसएल रिर्पोट और डाक्टरों की ओपिनियन के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। मेडिकल कालेज में चार डाक्टरों के पैनल के जरिये पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की वीडियों रिकार्डिंग भी करवाई गई।

गांव मांदकौल निवासी 25 वर्षीय गौरव नामक युवक एपीएल कंपनी में मकेनिकल इंजिनियर था। कंपनी से वापस घर आते समय घर नहीं पहुंचा और शनिवार की सुबह गांव के नजदीक शव मिला। मृतक के परिजनों ने इस मर्डर बताते हुए 6 युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने हत्या का मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों को बिना सबूत के अरेस्ट करने से मना कर दिया। पुलिस की इस बात पर सिविल अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ और दोबारा पोस्टमार्टम करवाने की मांग की।

शनिवार को सिविल अस्पताल में तीन डाक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम किए जाने के बाद मौत का स्पष्ट कारण नहीं बताए जाने पर परिजन बिफर गए। दोबारा से मडिकल कालेज नूंह में पोस्टमार्टम करवाने की मांग की। मेडिकल कालेज में रविवार को शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया। सायं के समय करीब 6 बजकर 20 मिनट पर शव परिजनों को सौंप दिया।

एसएचओ देवेन्द्र सिंह ने बताया की पोस्टमार्टम रिर्पोट अभी तक नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिर्पोट में मर्डर किया जाना पाया जाता है तो आरोपियों को तुरंत अरेस्ट कर जेल भेजा जाएगा। पुलिस मामले की जांच में लगी है। नूंह मेडिकल कालेज में शव पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया।

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शहीदों के आश्रितों के लिए 24 घंटे खुले राज भवन के दरवाजे

देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा की बलिवेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों के परिजनों की आर्थिक और सामाजिक मदद के लिए हरियाणा राज भवन के दरवाजे 24 घंटे खुले हैं और खुले रहेंगे। शहीदों की बदौलत भारत की 130 करोड़ की आबादी आजादी की सांस ले रही है। शहीदों के आश्रितों के पालन, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान की जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार इस जिम्मेदारी को ठीक ढंग से निर्वाह भी कर रही है। यह बात हरियाणा और हिमाचल के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिहं सोलंकी ने संभार्या फाउंडेशन की ओर से हुडा सेक्टर 2 में आयोजित कारगिल शहीदों के आश्रितों को सम्मान में आयोजित समारोह में कही।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी में हरियाणा के सैनिकों का अहम योगदान है। सैनिकों का सम्मान करना सभी देशवासियों का नैतिक दायित्व है। देश की सेना में 11 प्रतिशत जवान सेना है। हरियाणा के सैनिक देश के लिए बलिदान देने में सबसे आगे हैं। दक्षिणी हरियाणा में सैनिकों की खान है यहां के नौजवान सेना में जाकर देश की रक्षा करते है। पाक के नापाक सैनिकों ने करगिल की पहाडिय़ों कब्जा किया तो भारतीय सेना के जाबांज वीरों ने 17 हजार फुट की ऊंचाई पर उन्हें खदेडते हुए नेस्तनाबूद कर दिया। सेना ने 8 मई 1999 को कारगिल पर विजय हासिल कर देश इतिहास वीरता की अनोखी गाथा लिख दी। राज्यपाल ने शहीद सैनिकों के आश्रितों को सम्मानित किया। इस मौके परर राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, अभिनेता अनिल कपूर, श्रम कल्याण बोर्ड के वाइस चेयरमैन हरिप्रकाश गौतम, पूर्व मंत्री हर्षकुमार के बेटे विश्व कुमार, डीसी मनीराम शर्मा, एसपी वसीम अकरम आदि भी मौजूद रहे।

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  • Web Title: Post mortem could not be made clear due to the death of engineer Gaurav Sharma