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14 किलोमीटर में महज तीन जगह नजर आई पुलिस

औद्योगिक नगरी के नाम से मशहूर फरीदाबाद में करीब 25 हजार छोटी-बड़ी फैक्टरी हैं। यहां करीब आठ लाख लोग काम करते हैं। इनमें लगभग दो लाखा महिलाएं हैं, जो...

 14 किलोमीटर में महज तीन जगह नजर आई पुलिस
हिन्दुस्तान टीम,फरीदाबादSat, 09 Dec 2023 11:30 PM
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फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के नाम से मशहूर फरीदाबाद में करीब 25 हजार छोटी-बड़ी फैक्टरी हैं। यहां करीब आठ लाख लोग काम करते हैं। इनमें लगभग दो लाखा महिलाएं हैं, जो काम खत्म कर देर शाम घर लौटती हैं। पुलिस का दावा है कि इनकी सुरक्षा उनकी प्राथमिकता में है। इसके लिए पुलिस टीम लगातार औद्योगिक इलाकों में गश्त करती है। खासकर शाम व रात के वक्त टीम और चौकस रहती है। लेकिन, हिन्दुस्तान की पड़ताल में पुलिस के दावे फेल साबित हुए। पेश है दुर्गेश झा और सुभाष शर्मा की रिपोर्ट...
शुक्रवार शाम करीब छह से रात नौ बजे तक एनआईटी औद्योगिक क्षेत्र, आईएमटी औद्योगिक क्षेत्र के अलावा एचएनपीसी, मेवला महराजपुर, बड़खल, ओल्ड फरीदाबाद, पल्ला, दुर्गा बिल्डर, हाईवे, बाइपास, आगरा नहर रोड का हिन्दुस्तान ने सुरक्षा का जायजा लिया। करीब 14 किलोमीटर के दायरे में कंपनियों से छुट्टी के दौरान महज तीन जगहों पर पुलिस नजर आई। अन्य महत्वपूर्ण जगहों से वह गायब रही। कई जगह सड़क पर अंधेरा छाया रहा। ऐसे में घर की ओर जा रहीं महिलाओं के साथ अपराध होने की आंशका को नकारा नहीं जा सकता।

एनआईटी औद़्योगिक क्षेत्र

समय-छह बजे शाम

सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में नजर नहीं आई पुलिस

एनआईटी को जिले का सबसे बड़ृा और पुराना औद्योगिक क्षेत्र माना जाता है। यहां दो हजार से अधिक छोटी-बड़ी फैक्टरी हैं। सबसे अधिक फैक्टरी ऑटो पार्ट्स बनाने वाली है। क्षेत्र में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बीके अस्पताल, 12 से अधिक बैंकों की शाखाएं, भारतीय डाक का जिला मुख्यालय, 100 से अधिक सरकारी-गैर सरकारी कार्यालय आदि हैं। इनमें काफी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं, जो शाम को छह बजे कार्य खत्म होने के बाद घर के लिए निकलती हैं। कई ऑटो, बस या अन्य साधन के लिए पैदल तय स्थल तक जाती हैं। लेकिन, शाम करीब छह बजे एक भी जगह पुलिस की गश्त नजर नहीं आई। न ही कहीं कोई पुलिसकर्मी दिखा। प्रमुख स्थान नीलम चौक, सेक्टर-22, 23, 24, 25, मुजेसर, हार्डवेयर चौक, डबुआ मंडी, सेक्टर-22 मछली मार्केट, वर्लपुल चौक, सारन, एसजीएम नगर, मुल्ला होटल आदि जगहों पर शाम करीब छह से सात बजे तक पुलिस गायब रही।

दिल्ली-आगरा हाईवे (ओल्ड फरीदाबाद से एनएचपीसी)

समय: शाम सात से आठ बजे

शराब ठेकों के पास से जाने के मजबूर महिलाएं

एनआईटी की तरह हाईवे के दोनों ओर भी दो हजार से अधिक छोटी-बड़ी फैक्टरी हैं। इनमें से अधिकांश कंपनी हॉजरी और गारमेंट्स के हैं। इसके अलावा 20 के आसपास ऑटो मोबाइल्स शो-रूम, मॉल, शॉपिंग सेंटर के अलावा सरकारी-गैर सरकारी कार्यालय हैं। इन कारखानों में हजारों की संख्या में महिलाएं भी काम करती हैं, जो शाम के समय छुट्टी के बाद घर जाती हैं। उन्हें रोजाना हाईवे किनारे स्थित शराब ठेकों के पास खुले में शराब पी रहे नशेड़ियों के बीच से गुजरना पड़ता है। शुक्रवार शाम करीब सात से रात आठ बजे के बीच नशेड़ी ठेके से शराब खरीदकर पास में ठेली-रेहड़ी पर खान-पान का सामान खरीदकर शराब पी रहे थे। कारखानों से निकल रही महिलाओं पर फब्तियां आदि कसते नजर आए। कुछ महिलाओं ने बताया कि पुलिस सड़क पर शराब पीने वालों को नहीं रोकती। ओल्ड फरीदाबाद, बड़खल, मेवला महराजपुर और एनएचपीसी चौराहों पर पुलिस मौजूद भी रहती है, लेकिन नशेड़ियों पर कार्रवाई नहीं करती। इससे हमें हमेशा डर सताता रहता है।

डीएलएफ औद्योगिक क्षेत्र

समय: रात आठ से साढ़े आठ बजे

सड़क पर पसारा रहा अंधेरा

दिल्ली-आगरा हाईवे और बाइपास के बीच स्थित इस औद्योगिक क्षेत्र में भी एक हजार के आसपास छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। यहां भी काफी महिलाएं काम करती हैं। क्षेत्र में गारमेंट़्स और हॉजरी की काफी कंपनियों के अलावा मॉल और शॉपिंग सेंटर्स हैं। शाम के समय यहां से निकलने वाली महिलाओं को सड़क पर रोजाना अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं को नहर पार जाने में ऑटो चालकों की मनमानी झेलनी पड़ती है। ज्यादा कमाई के चक्कर में ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारी बैठाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क पर अंधेरे में चल रहीं महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए इस दौरान कहीं पर भी पुलिस नजर नहीं आई। इससे हादसे के साथ छेड़छाड़, स्नैचिंग आदि वारदात की आशंका बढ़ रही है।

बाइपास: सेक्टर-31 से 37 तक

समय: करीब साढ़े आठ बजे से नौ बजे रात

अंधेरे में पैदल घर जा रही महिलाओं की बढ़ी परेशानी

बाइपास पर करीब 20 किलोमीटर के दायरे में बनाए जा रहे डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेस-वे के चलते सभी स्ट्रीट लाइट्स हटा लिए गए हैं। इस कारण इस मार्ग पर अंधेरा पसरा हुआ है। यहां से गुजरने वालीं महिलाओं को अंधेरे में ही पैदल घर जाना पड़ रहा है। अंधरे के कारण उनके साथ कभी भी कोई अपराध व हादसा हो सकता है। सड़क पर पैदल चल रहीं महिलाओं ने बताया कि उन्हें रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की मौजूदगी नहीं रहती। इससे हमेशा उन्हें डर सताता रहता है।

आगरा नहर रोड: एतमादपुर से दुर्गा बिल्डर

समय: साढ़े नौ बजे रात

इस मार्ग से पल्ला, रोशन नगर, धीरजनगर, सेहतपुर, सरस्वती कॉलोनी, शिव कॉलोनी, अगवानपुर, पंचशील कॉलोनी, बसंतपुर आदि क्षेत्रों में रह रहे लोग और महिलाएं पैदल या अन्य साधन से रात में घर पहुंचती हैं। लेकिन, आगरा नहर रोड, पल्ला-इस्माइलपुर रोड आदि पर स्ट्रीट लाइट्स के नहीं होने से महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें अंधेरे में ही गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है, महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए शाम के समय व्यस्त समय में पुलिस की गश्ती नहीं होती। ऐसे में महिलाओं में डर रहता है कि वह सुरक्षित घर पहुंच पाएंगी या नहीं। पुलिस अफसरों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

बीते दिनों हुईं ये प्रमुख वारदात

06 दिसंबर- सेक्टर-58 में नौकरी का झांसा देकर बदमाशों ने महिला से सोने के टॉप्स ठगे

04 दिसंबर: चार्म्सवुड में बाइक सवार बदमाशों ने महिला के गले से सोने की चेन झपटी

01 दिसबर: एनआईटी पांच में घर जा रही युवती से बाइक सवार बदमाश मोबाइल फोन लूट ले गए

29 नवंबर: पुलिस कर्मी बनकर ओल्ड फरीदाबाद मार्केट में बदमाशों ने एक महिला से सोने के जेवरात उतरवाए

15 नवंबर: ओल्ड फरीदाबाद मार्केट में रास्ता पूछने के बहाने सोने के जेवरात ठगे

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