एमआरआई व सीटी स्कैन जांच के लिए भर्ती होना आवश्यक

Newswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद के बीके अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र में निशुल्क जांच के लिए अब मरीजों को पहले अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य निदेशालय ने यह नया नियम मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री दर्ज करने और जांच की सहमति सुनिश्चित करने के लिए लागू किया है। इससे निशुल्क जांच के दुरुपयोग को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

एमआरआई व सीटी स्कैन जांच के लिए भर्ती होना आवश्यक

फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। बीके अस्पताल में प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत संचालित एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र में अब निशुल्क जांच के लिए मरीजों को पहले भर्ती होना अनिवार्य होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य निदेशालय ने नए निर्देश जारी किए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। स्वास्थ्य निदेशालय के इस फैसले से निशुल्क लाभार्थियों को जांच कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह निर्णय निशुल्क जांच सुविधा के दुरुपयोग को रोकने और रिकॉर्ड प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। अब बिना उचित प्रक्रिया के कोई भी मरीज मुफ्त जांच का लाभ नहीं ले सकेगा।

नए निर्देशों के तहत किसी भी मरीज की एमआरआई या सीटी स्कैन जांच से पहले संबंधित चिकित्सक को उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही जांच की आवश्यकता का स्पष्ट उल्लेख और मरीज की सहमति भी फाइल में दर्ज करना जरूरी होगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी मामलों में मरीज की इंडोर एडमिशन या डे-केयर फाइल बनाना अनिवार्य होगा। यानी अब मरीज को अस्पताल में भर्ती या डे-केयर प्रक्रिया के तहत ही निशुल्क जांच की सुविधा मिल सकेगी। जांच से संबंधित सभी आदेशों का रोजाना सत्यापन रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद इन दस्तावेजों को मेडिकल सुपरिंटेंडेंट या प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) से काउंटरसाइन कराना भी आवश्यक होगा।स्वास्थ्य निदेशालय ने इन निर्देशों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इन्हें मिलती है निशुल्क सुविधाबीपीएल कार्ड धारकों, दिव्यांग भत्ता प्राप्त करने वालों, अनुसूचित जाति वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, सड़क दुर्घटना पीड़ितों, हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स तथा उनके आश्रितों और एचआईवी संक्रमित मरीजों को ये सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।यह केंद्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए हैं। इस का कोई भी शर्त कॉन्ट्रैक्ट में नहीं है। इसे लेकर स्वास्थ्य निदेशालय के अधिकारियों को पत्र लिखकर इस नए नियम को हटाने की मांग की जाएगी।-नवनीत सक्सेना, संचालक, एमआरआई, सीटी स्कैन केंद्र

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