विदेशी कॉर्नर : पेंटिंग में 24 कैरेट गोल्डन रंग लगाते हैं नेपाल के उत्तम
फरीदाबाद में सूरजकुंड मेले में नेपाल के प्रसिद्ध चित्रकार उत्तम डांगोल ने 24 कैरेट गोल्डन रंग का प्रयोग करके अपनी अनूठी कला शैली से सबका ध्यान खींचा है। उनकी विशेष पेंटिंग में काठमांडू के सात विश्व धरोहर स्थलों को दर्शाया गया है। डांगोल की पेंटिंग्स नेपाल की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करती हैं।
फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। सूरजकुंड मेले नेपाल से आए के प्रसिद्ध चित्रकार उत्तम डांगोल अपनी अनूठी कला शैली और 24 कैरेट गोल्डन रंग के प्रयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। उनकी पेंटिंग्स न केवल देखने वालों को आकर्षित करती हैं, बल्कि नेपाल की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। हाल ही में डांगोल द्वारा बनाई गई एक विशेष पेंटिंग कला प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें काठमांडू स्थित नेपाल की सात विश्व धरोहर स्थलों को एक ही कैनवास पर अद्भुत ढंग से उकेरा गया है। इस पेंटिंग में पशुपतिनाथ मंदिर, स्वयंभूनाथ स्तूप, बौद्धनाथ स्तूप, काठमांडू दरबार स्क्वायर, पाटन दरबार स्क्वायर, भक्तपुर दरबार स्क्वायर और चांगुनारायण मंदिर को बारीकी से दर्शाया गया है।
खास बात यह है कि इन सभी धरोहरों को जोड़ने के लिए उत्तम डांगोल ने 24 कैरेट गोल्डन रंग का प्रयोग किया है, जिससे पेंटिंग में एक अलग ही आभा और भव्यता दिखाई देती है। सुनहरे रंग की चमक न केवल कला को निखारती है, बल्कि नेपाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक भी बनती है। ------- प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करते हैं उत्तम डांगोल ने बताया कि वह अपनी पेंटिंग में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करते हैं। यह रंग पेंटिंग को और अधिक जीवंत बनाते हैं। इनकी पेंटिंग की मांग नेपाल के अलावा कजाकिस्तान, इटली सहित कई देशों में काफी पसंद की जाती हैं।

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