प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए सर्वे होगा
ज्ञान भारतम् मिशन के तहत नूंह में राष्ट्रीय हस्तलिपि सर्वे अभियान की बैठक हुई। अधिकारियों को गांव स्तर पर जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए। 16 मार्च से 15 जून तक चलने वाले इस अभियान में 70 से 80 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों का संरक्षण किया जाएगा। आम जन से ऐतिहासिक दस्तावेज जमा कराने की अपील की गई।

नूंह, सरसमल। ज्ञान भारतम् मिशन के तहत राष्ट्रीय हस्तलिपि सर्वे अभियान को लेकर बुधवार को जिला स्तर पर अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सर्वे अभियान को गांव स्तर तक पहुंचाने और जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और अभिलेख दान अभियान पर विस्तार से चर्चा हुई। अतिरिक्त उपायुक्त एवं राष्ट्रीय हस्तलिपि सर्वे अभियान की जिला नोडल अधिकारी ज्योति ने अधिकारियों को बताया कि भारत सरकार की ओर से 16 मार्च से 15 जून तक राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले में उपलब्ध प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों का सर्वे और संरक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लगभग 70 से 80 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों को ही इस अभियान में शामिल किया जाएगा।बैठक में ग्राम सचिवों की भूमिका को अहम बताते हुए सभी बीडीपीओ को प्रतिदिन रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए गए। एडीसी ने कहा कि संबंधित जानकारी समय पर पोर्टल पर अपलोड की जाए। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास पुराने पत्र, डायरियां, नक्शे या अन्य ऐतिहासिक दस्तावेज हैं तो उन्हें संबंधित कार्यालयों में जमा कराएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सुरक्षित रखा जा सके। बैठक में एसडीएम, डीआरओ, जिला शिक्षा अधिकारी सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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