Faridabad News: स्मार्ट सिटी में पुराने जर्जर भवनों और अवैध निर्माणों की जांच शुरू
Faridabad News: फरीदाबाद में नगर निगम ने शहर में पुराने और जर्जर भवनों की जांच शुरू कर दी है। पिछले दिनों बल्लभगढ़ में हादसे के बाद, चार मंजिला इमारतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सर्वे में नियमों के उल्लंघन और असुरक्षित भवनों की पहचान की जा रही है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Faridabad News: सख्ती: शहर के जर्जर भवनों की जांच शुरू -नगर निगम ने ज़ोन सहित टीम गठित की
-शहर का सर्वे कर रहे अधिकारी
-संवेदनशील भवनों का नक्शा देख रहे
साथ में
-चार मंजिला भवनों पर विशेष नजर
-अवैध निर्माण को भी चिन्हित किया जा रहा
-ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने आदेश दिए थे
फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने शहर में पुराने और जर्जर भवनों से बढ़ते हादसों के खतरे को देखते हुए सर्वे शुरू कर दिया है। निगम की टीमें सेक्टर और कॉलोनियों में जाकर पुराने, क्षतिग्रस्त और असुरक्षित भवनों की जांच कर रही हैं। साथ ही चार मंजिला इमारतों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि निर्माण नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा संबंधी खामियों की समय रहते पहचान की जा सके।
पिछले हादसे के कारण
दरअसल पिछले दिनों बल्लभगढ़ स्थित चावला काॅलोनी में मकान का छज्जा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी। बारिश के मौसम में इस प्रकार की घटनाएं लगातार बढ़ जाती है। हाल ही में जिला कष्ट निवारण जर्जर स्कूल भवन का मामला जोरशोर से उठा था। जिसमें तिगांव के गांव घुडासन की सरपंच मुनेश ने स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को बताया था कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय की चाहरदीवारी कई सालों से खस्ताहाल अवस्था में है, आंधी के कारण पेड़ गिरने से चाहरदीवारी गिर गई थी। हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।लेकिन उसकी मरम्मत कराई जाए।इस पर बैठक की अध्यक्षता कर रही स्वास्थ्य मंत्री ने नगर निगम को शहर में ऐसे सभी जर्जर भवनों के सर्वे के
आदेश दिए थे।
नक्शों से मिलान कर कार्रवाई होगी
एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद में अनेक ऐसे भवन हैं जो वर्षों पुराने हैं और खस्ताहाल अवस्था में हैं। इनमें बैंक, दुकानें आदि चल रहे हैं। वहीं कई स्थानों पर चार मंजिला भवन निगम में नियमों की अनदेखी भी सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान केवल भवनों की स्थिति ही नहीं देखी जा रही, बल्कि स्वीकृत भवन नक्शों से भी उनका मिलान किया जा रहा है। अधिकारी यह जांच रहे हैं कि निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप हुआ है या नहीं। यदि अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई हैं या अन्य प्रकार का अवैध निर्माण किया गया है तो उसे भी रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
चार मंजिला भवनों पर विशेष फोकस
नगर निगम ने चार मंजिला भवनों को विशेष निगरानी में रखा है। पिछले कुछ वर्षों में शहर के कई इलाकों में चार मंजिला इमारतों का निर्माण तेजी से हुआ है। इनमें से कई भवनों के निर्माण को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है या नहीं। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद से भवनों की संरचनात्मक जांच भी कराई जा सकती है।
घनी आबादी वाले क्षेत्रों से शुरुआत
सर्वे की शुरुआत उन क्षेत्रों से की गई है जहां पुराने भवनों की संख्या अधिक है और आबादी घनी है। बाजारों, पुरानी कॉलोनियों और व्यावसायिक क्षेत्रों में बने भवनों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है। निगम का उद्देश्य ऐसे भवनों की पहचान करना है, जिनसे आम लोगों की जान-माल को खतरा हो सकता है।
मानसून में बढ़ जाता है खतरा
बरसात के मौसम में पुराने और कमजोर भवनों के गिरने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लगातार बारिश से दीवारों और नींव की मजबूती प्रभावित होती है। ऐसे में नगर निगम किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले जोखिम वाले भवनों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाना चाहता है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई भवन अत्यधिक जर्जर पाया जाता है तो उसे खाली कराने और आवश्यकतानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अवैध निर्माण भी रडार पर होंगे
सर्वे के दौरान अवैध निर्माणों को भी चिन्हित किया जा रहा है। बिना अनुमति बनाई गई अतिरिक्त मंजिलें, सेटबैक का उल्लंघन, व्यावसायिक उपयोग के लिए किए गए अवैध बदलाव और अन्य नियम विरुद्ध निर्माणों की जानकारी भी एकत्र की जा रही है। इन मामलों में नियमानुसार नोटिस और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। सर्वे के दौरान भवनों की मौजूदा स्थिति के साथ स्वीकृत नक्शों का भी मिलान किया जा रहा है। जहां भी भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए मिलेंगे, वहां नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माणों को भी चिन्हित किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। -धीरेंद्र खड़गटा, नगर निगम आयुक्त


