मां कालरात्रि का भव्य श्रृंगार किया

Newswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद में नवरात्र के सातवें दिन श्रद्धालुओं ने मां कालरात्रि की पूजा की। मंदिरों में भक्तों की भीड़ और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। अष्टमी और नवमी के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। कंजक पूजन के दिन छोटी कन्याओं का पूजन किया जाएगा। कालीबाड़ी मंदिर में बसंती दुर्गा उत्सव पूजा की शुरुआत हुई।

मां कालरात्रि का भव्य श्रृंगार किया

जिले अष्टमी और कन्या पूजन की तैयारी में जुटे श्रद्धालु - मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी- कालीबाड़ी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गईफरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। चैत्र नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को मां कालरात्रि की पूजा पूरे श्रद्धा भाव के साथ की गई। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। माता के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिरों में विशेष रूप से मां का भव्य श्रृंगार किया गया और विधि-विधान के साथ महाआरती संपन्न हुई।मंदिरों के अलावा ग्रेटर फरीदाबाद की विभिन्न सोसायटियों में भी धार्मिक आयोजन जारी रहे।

दोपहर के समय कई स्थानों पर माता की चौकियों का आयोजन किया गया, जहां भजन-कीर्तन के साथ भक्तों ने मां का गुणगान किया। श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखकर पूजा-अर्चना में लीन रहे। इसके अलावा अब जिले में अष्टमी और नवमी को लेकर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। अष्टमी की रात विभिन्न मंदिरों और सोसायटियों में माता के जागरण का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत महारानी वैष्णो देवी मंदिर और सिद्धपीठ श्री महाकाली मंदिर में गुरुवार रात जागरण होगा। मंदिर प्रबंधन समितियां इन आयोजनों की तैयारियों में जुटी हुई हैं। शहर की प्रमुख सोसायटियों, जिनमें प्रिंसेस पार्क सहित कई स्थान शामिल हैं, में भी अष्टमी की रात विशेष चौकियों का आयोजन होगा।नवमी के दिन होगा कंजक पूजननवमी के दिन माता की पूजा-अर्चना के बाद कंजक पूजन किया जाएगा। इस दिन छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और उन्हें प्रसाद व उपहार भेंट किए जाते हैं। इसके साथ ही शहर में नवमी के अवसर पर 20 से अधिक स्थानों पर भंडारे आयोजित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। बता दें कि स्मार्ट सिटी में नवमी के दिन हवन का भी आयोजन किया जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि नवरात्र का पर्व उन्हें आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। वहीं प्रशासन और मंदिर समितियां भी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए सक्रिय हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नवरात्र के अंतिम दिनों में धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल और अधिक बढ़ गया है।बसंती दुर्गा उत्सव पूजा हुई शुरूसेक्टर-16 स्थित फरीदाबाद कालीबाड़ी में बसंती दुर्गा उत्सव पूजा की शुरुआत हो गई है। बंगाली समुदाय के लोग मां के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। मां की प्रतिमा को पुष्प और भेंट अर्पित कर रहे हैं। सुबह से अनुष्ठान प्रक्रियाएं जारी रहती हैं। बुधवार को सप्तमी की पूजा की गई। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया। पूजा-अर्चना करने के बाद भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। वहीं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कोलकाता से कलाकारों को बुलाया गया। वहीं बच्चों को बंगाली संस्कृति से रूबरू कराने के लिए पुस्तक मेला भी आयोजित किया गया। इसमें सिर्फ बंगाली लेखकों की पुस्तकें रखी गई हैं।सामाजिक कार्यों के लिए भी प्रसिद्ध है फरीदाबाद कालीबाड़ी मंदिरफरीदाबाद कालीबाड़ी मंदिर के महासचिव एके पंडित ने बताया कि मंदिर की स्थापना डॉ. बी घोष और उनकी टीम ने मिलकर 1974 में की थी। शुरुआत में मंदिर में केवल बंगाली धार्मिक कार्यक्रम ही होते थे। यहां पर 37 वर्षों से दुर्गा उत्सव हो रहा है। वहीं 22 वर्षों से बसंती दुर्गा पूजा हो रही है। शारदीय नवरात्रों के दौरान होने वाली दुर्गा उत्सव में बनने वाली मूर्ति की मिट्टी बंगाल से आती है और बंगाली मूर्तिकार ही मां सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा बनाते हैं। वर्ष 994 में मां काली की मूर्ति स्थापना की गई। इसके अलावा मंदिर में धार्मिक के अलावा सामाजिक कार्यक्रम भी होते हैं। कालीबाड़ी मंदिर में बच्चों के लिए कला प्रतियोगिता, रक्तदान शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसमें बंगाली के अलावा अन्य बच्चे भी भाग लेते हैं।

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