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9 अप्रैल, 2021|12:19|IST

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बिन सत्संग विवेक ना होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई: सुमेधानंद

बिन सत्संग विवेक ना होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई:  सुमेधानंद

सत्संग के कारण ही महर्षि वाल्मिकि जी महान संत बने। हमें सत्संग में अवश्य जाना चाहिए। शरद पूर्णिमा पर प्रकाश डालते हुए वृन्दावन से पधारे महाराज सुमेधानंद जी ने भक्तों को ये संदेश दिए। मौका था बल्लबगढ़ स्थित श्री गोपाल मंदिर में मंदिर ट्रस्ट की ओर से चल रही राम कथा के दूसरे दिन का। महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया कि आज के दिन को लक्ष्मी जी का जन्मोत्सव भी माना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। श्रीकृष्ण भी सोलह कलाओं से परिपूर्ण थे। इसलिए आज के दिन मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप तथा श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप हजार गुना फल देता है। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा से अमृत वर्षा होती है। इसलिए अपने परिवार के साथ चंद्रमा की रोशनी में सैर करें और चंद्रमा की किरणें जो खीर पर पड़ेंगी उस खीर का सेवन करे। सभा की तरफ से मंदिर प्रवक्ता सुभाष शर्मा ने माल्यार्पण कर महाराज जी का स्वागत किया। मौके पर पंडित सुनील शास्त्री, ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार शर्मा,प्रधान जनकराज शर्मा,उपप्रधान कृष्णचंद शर्मा,उपप्रधान सुरेश अनेजा, सचिव महेंद्र अरोड़ा, चन्दर प्रकाश कालरा, मदनलाल अरोड़ा, नरेश कुमार वधवा, होशियार सिंह,कृष्ण बठेजा ,तिलक राज अरोड़ा, चेतन्य अरोड़ा, रुद्र अरोड़ा उपस्थित रहे।

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