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3 दिसंबर, 2020|1:26|IST

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जांच की कीमत कम होने पर भी नही बढ़ रही कोविड जांच

जांच की कीमत कम होने पर भी नही बढ़ रही कोविड जांच

राज्य सरकार ने कोरोना जांच की कीमतें एक बार फिर कम कर दी हैं। लेकिन कीमत कम होने के बाद भी जिले में कोरोना की जांच नहीं बढ़ रही है। औद्योगिक इकाईयों में उद्यमियों को पैसे देकर श्रमिकों की कोरोना जांच करवानी पड़ती है। इसके अलावा नौकरी और अन्य कार्यों के लिए कोरोना रिपोर्ट का भुगतान करने पर मिलती है। नए कीमत के मुताबिक अब आरटीपीसीआर जांच के लिए मात्र 900 रुपये और एंटिजन जांच के लिए मात्र 500 रुपये का भुगतान करना होगा।

25 फीसदी घटा जांच शुल्क

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से अधिकृत की जांच प्रयोगशालाओं में संदिग्ध मरीज अब 900 रुपये देकर अपना आरटी-पीसीआर टेस्ट करवा सकेंगे। इसके अलावा औद्योगिक इकाईयों में लगने वाले जांच शिविर के लिए भी उद्यमियों को कम पैसे देने होंगे। हालांकि स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में ऐसी निजी प्रयोगशालाएं नहीं है। लेकिन कुछ प्रमुख प्रयोगशालाओं के कलेक्शन सेंटर निजी अस्पतालों में बने हुए हैं। जबकि सरकारी अस्पतालों में लिए गए नमूनों की जांच ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में की जाती है। सरकारी अस्पताल भी नौकरी या अन्य सरकारी काम के कोरोना जांच की रिपोर्ट के लिए फीस जमा करवाते हैं। उनके लिए भी यही दरें लागू होंगी।

स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में सरकारी अस्पतालों में लिए गए कोरोना नमूनों की ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और दूसरा केंद्र सरकार की लैब में की जाती है। इन दोनों स्थानों पर आटीपीसीआर तकनीक से जांच होती है, जिसकी रिपोर्ट अगले दिन या फिर एक दो दिन में आती है। जबकि रेपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट तुरंत मिलती है। अगर जांच नमूने अधिक लिए गए और जांच नमूने प्राइवेट लैब में भेजे गए तो भुगतान सरकार करेगी। इसके अलावा बीपीएस मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां को सोनीपत, पानीपत, जींद, फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत आठ जिलों के नमूनों की आरटीपीसीआर से कोरोना की जांच का केंद्र बनाया गया था।

बीते पांच महीने में सातवीं बार तय की गई जांच की कीमत

राज्य सरकार ने बीते पांच महीने में करीब सात बार जांच की कीमतों को तय किया। 29 अक्तूबर को तय की गई कीमतों के मुताबिक अब आरटीपीसीआर के माध्यम से कोरोना की जांच मात्र 900 रुपये में कराई जा सकेगी। जबकि शुरु के महीनों में यह जांच करीब 4500 रुपये में होती थी, 19 जून को इन कीमतों को संसोधित करके 2400 रुपये किया गया। फिर 1600 रुपये और इससे पहले 1200 रुपये जांच की दरे तय की गई थी। नई दरों में सीबीएनएएटी टेस्ट 2400 रुपये, टीएन टेस्टिंग 2000 रुपये, इलिसा टेस्ट 250 रुपये आरटीपीसीआर 900 रुपये और रेपिड एंटिजन टेस्ट 500 रुपये तय किए गए हैं।

पिछले महीने के मुकाबले 30 फीसदी कम हुई जांच

जिले में बीते चार महीने में अक्तूबर में कोरोना जांच कम हुई है। सितंबर के मुकाबले अक्तूबर में करीब 30 फीसदी जांच कम हुई हैं। दरअसल औद्योगिक इकाईयों को पैसे देकर जांच करवानी पड़ती है। औद्योगिक इकाईयों को करीब 20 फीसदी श्रमिकों की जांच करवानी आवश्यक है। इकाईयों में अधिकांश श्रमिक अनियमित है। इसलिए उनकी जांच करवाई जाती है। जो नियमित है, उनमें से 20 फीसदी के पैसे देकर जांच करवा दी जाती है। इसके लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूतढांचा विकास निगम के अधिकारियों को प्रयास करना पड़ता है।

करीब 25 फीसदी जांच होती है आरटीपीसीआर

स्मार्ट सिटी में करीब 25 फीसदी जांच ही आरटीपीसीआर हो रही है। बाकी जांच रेपिड एंटीजन टेस्ट के माध्यम से हो रही है। अलग-अलग इलाकों में शिविर लगाकर कोरोना जांच की जा रही है। शिविरों में जांच रेपिड एंटीजन टेस्ट के माध्यम की जा रही है। जबकि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और बीके जिला राजकीय अस्पताल में लिए गए नमूनों की जांच आरटीपीसीआर होती है। सरकारी अस्पताल में पैसे देकर जांच करवाने वाली रिपोर्ट करीब 20 प्रतिदिन होती हैं।

डॉ.रामभगत, जिला नोडल अधिकारी कोविड-19: अब निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच मात्र 900 रुपये में हो जाएगी। सरकार ने एक बार फिर जांच की कीमत कम कर दी हैं।

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  • Web Title:Kovid test is not increasing even though the cost of the investigation is low