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पलवल पहुंची धर्म प्रचारिणी सभा की जनचेतना यात्रा

वैदिक धर्म प्रचारिणी सभा की वैदिक जन चेतना यात्रा बुधवार को औरंगाबाद, मितरोल व गहलव पंहुची। इस दौरान स्थानीय लोगों की ओर से वैदिक विद्वानों का अभिनंदन किया गया। तुलारामआर्य व दयालुमुनी ने यज्ञ सम्पन्न कराया। शिवसिंह आर्य और मीरा चौहान ने यजमान की भूमिका निभाई। इसके बाद केएल मेमोरियल हाई स्कूल के परिसर में सभा का आयोजन हुआ। मौके पर बिजनौर से पधारे युवा विद्वान नरेन्द्रदत्त आर्य ने कहा कि आर्य समाज का मुख्य कार्य वैदिक विचारधारा के अनुसार विश्व को आर्य बनाना है। आर्य का अर्थ होता है शुद्ध चरित्र का व्यक्ति। संसार में वैदिक संस्कृति ही एक ऐसी संस्कृति है जो जो एक दूसरे साथ भाई की तरह व्यवहार करने का संदेश देती है। मौके पर ओमप्रकाश पांचाल ने भजन प्रस्तुत किए। इस दौरान कवि रुपचंद, राजदेव नैष्ठिक, ठाकुरलाल आर्य, शिवकुमार आर्य, बलवीरसिंह शास्त्री, चरण पहलवान, हरिसिंह आर्य आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:Journey of Dharm Pracharini reached Palwa