
सूरजकुंड मेले में चार राज्यों की संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे
संक्षेप: फरीदाबाद में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हरियाणा पर्यटन निगम ने तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को थीम राज्य बनाने का प्रस्ताव भेजा है। मेले का आयोजन 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक होगा, जिसमें लाखों पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। अरावली की सुंदर वादियों में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला 2026 की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार मेले को और भव्य व आकर्षक बनाने की दिशा में हरियाणा पर्यटन निगम ने बड़ी पहल की है। निगम ने तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को थीम राज्य बनाने का प्रस्ताव भेजा है। चार राज्यों की संस्कृति, खानपान, लोकगीत, नृत्य और हस्तशिल्प को एक ही मंच पर दिखाने की योजना बनाई गई है। पर्यटन विभाग का मानना है कि इन राज्यों की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विविधता मेले के आकर्षण को कई गुना बढ़ा देगी। इस बार सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

16 दिनों तक चलने वाले इस मेले में लाखों पर्यटकों के आने की उम्मीद है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पर्यटक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर फोकस किया गया है। डिजिटल टिकटिंग, पार्किंग प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल, स्टेशन और एयरपोर्ट से शटल सेवाओं पर भी जोर रहेगा। पर्यटन निगम के अनुसार थीम राज्य तय करने के बाद अन्य राज्यों और विदेशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। निगम अगले सप्ताह पार्टनर कंट्री के लिए भी पत्र लिखेगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी किसी देश को पार्टनर कंट्री बनाया जाएगा, जिसकी संस्कृति, कला और परंपराओं को विशेष स्थान दिया जाएगा। वर्ष दर वर्ष मेले में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता बढ़ रही है, जिससे सूरजकुंड मेला वैश्विक स्तर पर कल्चर ब्रिज के रूप में उभर रहा है। -- तैयारियां शुरू, मरम्मत का काम तेज मेले के आयोजन स्थल सूरजकुंड परिसर में मरम्मत संबंधी कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मुख्य गेट, प्रदर्शनी स्थल, मंच और मार्गों की मरम्मत की जा रही है। स्टॉल लगाने के स्थानों का निर्धारण किया जा रहा है। पानी, बिजली और सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन यूनिट भी तैयार की जा रही है ताकि हर स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके। -- कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का मिलता है मौका देशभर के शिल्पकार और कलाकार सूरजकुंड मेले का बेसब्री से इंतजार करते हैं। मेले में कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिलता है, जिससे उनकी आजीविका और कारीगरी दोनों को मजबूत समर्थन मिलता है। इसी वजह से यह मेला केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि हेरिटेज इकॉनमी का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। -- वर्जन अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में चार राज्यों को थीम राज्य बनाने की योजना है। इसे लेकर मुख्यालय स्तर पर पर्यटन निगम ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है। - हरविंदर यादव, नोडल अधिकारी सूरजकुंड मेला प्राधिकरण

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