Hindi NewsNcr NewsFaridabad NewsInternational Surajkund Mela 2024 Uttar Pradesh and Meghalaya as Theme States
सूरजकुंउ मेले में उत्तर प्रदेश की हस्तशिल्प कला से रूबरू होंगे पर्यटक

सूरजकुंउ मेले में उत्तर प्रदेश की हस्तशिल्प कला से रूबरू होंगे पर्यटक

संक्षेप:

फरीदाबाद में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी 2024 तक आयोजित होगा। इस बार उत्तर प्रदेश और मेघालय को थीम राज्य बनाया गया है। पर्यटकों को चिकनकारी कढ़ाई, बनारसी साड़ियां, कालीन, पीतल के बर्तन और बांस के उत्पाद खरीदने का मौका मिलेगा। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न हस्तशिल्प के स्टॉल भी होंगे।

Nov 28, 2025 11:33 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
share Share
Follow Us on

फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। अरावली की वादियों में शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तैयारियां जोरों पर है। इस बार पर्यटकों को थीम राज्य उत्तर प्रदेश के लखनऊ की चिकनकारी कढ़ाई, बनारसी रेशम की साड़ियां, भदोही की कालीन बुनाई, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और फिरोजाबाद की कांच के उत्पाद खरीद सकेंगे। मेले में पहुंचने वले पर्यटकों को थीम राज्यों के स्टॉल ढूंढने में परेशानी न हो, इसके लिए अलग-अलग जोन में स्टॉल आवंटित किए जाएंगे। इस बार अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का थीम राज्य उत्तर प्रदेश के अलावा मेघालय को भी बनाया गया है। वहीं, मिस्त्र को पार्टनर कंट्री नियुक्त किया गया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मुख्य एवं छोटी चौपाल पर उत्तर प्रदेश व मेघालय के अलावा मिस्त्र के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। साथ ही दोनो थीम राज्यों के हस्तशिल्पियों के जोनवार स्टॉल होंगे। दोनों राज्यों के हस्तशिल्पियों को 40-40 स्टॉल आवंटित किए जाएंगे। पर्यटकों को उत्तर प्रदेश के अलावा मेघालय के प्रसिद्ध हस्तशिल्प में बेंत और बांस के उत्पाद जैसे चटाई, टोकरियां, छाते, स्टूल, लकड़ी पर नक्काशी, पारंपरिक बुनाई विशेषकर एरी सिल्क और खासी शॉल और मोती का काम जैसे हार और आभूषण मेले में उपलब्ध होंगे। पर्यटक इन हस्तशिल्प कलाओं को देखने के साथ खरीद भी सकेंगे। ------- इस बार 31 जनवरी से शुरू होगा मेला सूरजकुंड मेला प्राधिकरण का उद्देश्य रहता है कि पर्यटक अधिक से अधिक संख्या में आए। इसके लिए तीन शनिवार व रविवार को आयोजित किया जाता है। फरवरी में पहला शनिवार सात तारीख है। ऐसे में मेला 21 फरवरी तक जा रहा हैं। विलंब होने पर पर्यटकों के कम आने की आशंका रहती है। इसके अलावा फरवरी में वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाती हैं। इसके चलते इस बार मेले के आयोजन को लेकर प्रयोग किया जा रहा। जनवरी के अंतिम शनिवार यानि 31 जनवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक होगा। इस दौरान मौसम भी अच्छा रहता है और वार्षिक परीक्षाएं भी 15 फरवरी के बाद शुरू होती हैं। ----- कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में हर वर्ष बेहतर तरह से आयोजित करने का प्रयास किया जाता है। इस बार मेले में पर्यटकों को खुले में कोई भी स्टॉल नहीं दिखाई देगी। पिछले वर्ष तक जो स्टॉल खुले में होते थे उनके स्थान पर स्थायी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा मुख्य एवं छोटी चौपाल ग्रेनाइट और राजस्थान के कोटा पत्थर से चमकते दिखाई देंगे। वहीं, मनोरंजन पार्क का दायरा भी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक होगा। शनिवार और रविवार को पर्यटकों की भीड़ अधिक रहने से मनोरंजन पार्क में झूले के लिए आने वाले पर्यटकों को आधा घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ----- पर्यटकों को थीम राज्यों की स्टॉल ढूंढने में परेशानी न हो, इसके लिए दो जोन बनाकर स्टॉल आवंटित की जाएंगी। फिलहाल सभी अस्थायी स्टॉल को स्थायी करने का काम तेजी से जारी है। सभी प्रकार के टेंडर जारी कर दिए गए हैं और उनके अलॉटमेंट और काम शुरू होना बाकी है -हरविंदर यादव, नोडल अधिकारी, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण