छांयसा में हुई मौतों की पड़ताल के लिए दो टीमों ने नमूने लिए

Feb 18, 2026 11:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद के पलवल स्थित छांयसा गांव में हेपेटाइटिस-बी और सी के मामलों में वृद्धि को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। एनसीडीसी और स्वास्थ्य निदेशालय की टीम ने गांव का दौरा किया, पानी के नमूने लिए और संक्रमित लोगों की जानकारी जुटाई। राहत की बात यह है कि बुधवार को कोई नया मामला सामने नहीं आया।

छांयसा में हुई मौतों की पड़ताल के लिए दो टीमों ने नमूने लिए

फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। पलवल के गांव छांयसा में हेपेटाइटिस-बी और सी के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।केंद्र की एनसीडीसी टीम के बाद स्वास्थ्य निदेशालय ने की टीम ने गांव का दौरा किया। दोनों टीम अपने साथ मौके से पानी के सैंपल नमूने लेकर गई है। इसके अलावा टीम ने हेपेटाइटिस से पीड़ित लोगाें से बातचीत भी की और उनकी पूरी जानकारी जुटाई। टीम में डीएचएस एनसीडी डॉ. सुशील माही और आईडीएसपी एसएसयू की डॉ. डॉली गंभीर शामिल रहे। वहीं राहत की बात यह है कि बुधवार को हेपेटाइटिस का कोई नया मामला नहीं आया। टीम ने हेपेटाइटिस से संक्रमित लोगों के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उनकी विस्तृत मेडिकल हिस्ट्री जुटाई।

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इसके साथ ही डॉक्टरों ने मौत के कारणों को समझने के लिए पड़ित परिवारजनों से बातचीत की तथा उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा की। इसके अलावा गांव में संभावित संक्रमण के स्रोतों पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थानीय चिकित्सकों से दूषित पानी की जांच रिपोर्ट और अब तक किए गए बचाव उपायों की जानकारी ली। टीम ने सबसे पहले गांव में लगाए जा रहे स्वास्थ्य जांच शिविर का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने दवाओं के स्टॉक के साथ टीकाकरण की भी जांच की। टीम जान गंवाने वाले लोगों के घर भी पहुंची। जहां उनसे बीमार होने से लेकर इलाज तक की पूरी जानकारी ली। नया केस नहीं आया गांव में बुधवार को 100 से ज्यादा लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई और हेपेटाइटिस से बचाव के लिए टीकाकरण भी कराया। इस दौरान ग्रामीणों को डाक्टरों ने साफ पानी पीने की सलाह दी। साथ ही शुद्ध भोजन के साथ ही लक्षण दिखने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करने को कहा गया। बुधवार को 200 से अधिक लोगों की हेपेटाइटिस की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। बता दे कि छांयसा गांव में बीते 18 दिनों में 50 से अधिक हेपिटाइटिस बी और सी के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से हेपिटाइटिस बी और सी से पीड़ित चार मरीजों की मौत भी हो चुकी है। साथ ही तीन मरीज पीलिया के कारण भी जान गंवा चुके हैं। तीन टीमें जांच कर रहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतेंदर वशिष्ठ हेपेटाइटिस होने के बाद कुछ दिन में मौत होना यह जांच का विषय है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज नल्हड़, केंद्र की एनसीडीसी और प्रदेश स्वास्थ्य निदेशालय की टीम ने गांव का निरीक्षण किया है और उनकी रिपोर्ट से ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं और मौतों के सिलसिले पर पूरी तरह रोक लग गई है। उन्होंने इंजेक्शन वाली अफवाहों का भी खंडन किया है। मरने वाले 12 से 15 वर्ष के स्कूल जाने वाले बच्चे हैं। इंजेक्शन या अन्य कोई नशीली वस्तुओं का सेवन नहीं करते थे।

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